मथुरा और द्वारिका में 12 अगस्त को कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

आइए जानें काम की बातें तथा जन्माष्टमी पर अपनी राशि अनुसार उपाय

इस साल जन्माष्टमी पर राहुकाल दोपहर 12:27 बजे से 02:06 बजे तक रहेगा।

इस बार जन्माष्टमी पर कृतिका नक्षत्र रहेगा, उसके बाद रोहिणी नक्षत्र रहेगा, जो 13 अगस्त तक रहेगा।

पूजा का शुभ समय 12 अगस्त को रात 12 बजकर 5 मिनट से लेकर 12 बजकर 47 मिनट तक है।

हर बार की तरह इस बार भी जन्माष्टमी दो दिन मनाई जा रही है।

11 और 12 अगस्त दोनों दिन जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जा रहा है।वैष्णव मत के मुताबिक 12 अगस्त को जन्माष्टमी मनाना श्रेष्ठ है। ऐसे में मथुरा और द्वारिका में 12 अगस्त को ही जनमाष्टमी मनाई जाएगी। जगन्नाथपुरी, काशी और उज्जैन जैसे कुछ शहरों में 11 अगस्त की रात को कृष्ण जन्म होगा। व गृहस्थ लोगों के लिए जन्माष्टमी पर्व 11 अगस्त और साधु और सन्यासियों के लिए यह पर्व 12 अगस्त को होगा।

            मथुरा और द्वारिका में 12 अगस्त को कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

श्रीमद्भागवत दशम स्कंध में कृष्ण जन्म प्रसंग में उल्लेख मिलता है। इसमें कहा गया है कि जिस समय पृथ्वी पर अर्धरात्रि में कृष्ण अवतरित हुए ब्रज में उस समय पर घनघोर बादल छाए थे, लेकिन चंद्रदेव ने दिव्य दृष्टि से अपने वंशज को जन्म लेते दर्शन किए। आज भी कृष्ण जन्म के समय अर्धरात्रि में चंद्रमा उदय होता है। उस समय धर्मग्रंथ में अर्धरात्रि का जिक्र है।

Janmashtami 2020 Shubh Muhurat: जानें क्या है शुभ मुहूर्त

अष्टमी तिथि 11 अगस्त मंगलवार सुबह 9:06 बजे से शुरू हो जाएगी। यह तिथि 12 अगस्त सुबह 11:16 मिनट तक रहेगी। वैष्णव जन्माष्टमी के लिए 12 अगस्त का शुभ मुहूर्त बताया जा रहा है। बुधवार की रात 12.05 बजे से 12.47 बजे तक बाल-गोपाल की पूजा-अर्चना की जा सकती है। बता दें कि इस वर्ष कृष्ण जन्म की तिथि और नक्षत्र एक साथ नहीं मिल रहे हैं। 11 अगस्त 2020 को सूर्योदय के बाद ही अष्टमी तिथि शुरू होगी। इस दिन यह तिथि पूरे दिन और रात में रहेगी। भगवान कृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। ऐसे में नक्षत्र और तिथि का यह संयोग इस बार एक दिन पर नहीं बन रहा है।

     भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को हुआ था। इस दिन को कृष्ण जन्माष्टमी कहते हैं।

आइए जानें काम की बातें तथा जन्माष्टमी पर अपनी राशि अनुसार उपाय

जन्माष्टमी का महत्व

जन्माष्टमी का महत्व बहुत अधिक है। सभी वैष्णव जन्माष्टमी का व्रत करते हैं। शास्त्रों में जन्माष्टमी को व्रतराज कहा गया है यानी यह व्रतों में सबसे श्रेष्ठ व्रत माना गया है। इस दिन लोग पुत्र, संतान, मोक्ष और भगवद् प्राप्ति के लिए व्रत करते हैं। माना जाता है कि जन्माष्टमी का व्रत करने से सुख-समृद्धि और दीर्घायु का वरदान मिलता है। साथ ही भगवान श्री कृष्ण के प्रति भक्ति भी बढ़ती है। जन्माष्टमी का व्रत करने से अनेकों व्रतों का फल मिलता है।

श्रीकृष्ण प्रतिमा की पूजा कैसे करें -

 सामान्यतः जन्माष्टमी पर बालकृष्ण की स्थापना की जाती है।आप अपनी आवश्यकता और मनोकामना के आधार पर जिस स्वरुप को चाहें   स्थापित कर सकते हैं।

 प्रेम और दाम्पत्य जीवन के लिए राधाकृष्ण की, संतान के लिए बाल रूप की और सभी मनोकामनाओं के लिए बांसुरी वाले कृष्ण की स्थापना करें।

 इस दिन शंख और शालिग्राम की स्थापना भी कर सकते हैं…

 

श्रृंगार कैसा करें?

– श्री कृष्ण के श्रृंगार में फूलों का विशेष महत्व है।

– अतः विविध प्रकार फूलों की व्यवस्था करें, पारिजात और वैजयंती के फूल मिल जाए तो सबसे ज्यादा उत्तम होगा।

– पीले रंग के वस्त्र, गोपी चंदन और चंदन की सुगंध की व्यवस्था भी करें।

– कृष्ण जन्म के बाद उनको झूले में बैठाकर झुलाया जाता है, अतः खूबसूरत से झूले की व्यवस्था भी करें।

– बांसुरी, मोरपंख, आभूषण, मुकुट, पूजन सामग्री, सजावटी सामग्री सब एकत्र करें

भोग क्या लगाएं?

– पंचामृत जरूर बनाएं, उसमे तुलसी दल डालें

– मेवा,माखन और मिश्री लेकर आएं।

– धनिये की पंजीरी भी रखें।

– सामर्थ्य अनुसार 56 भोग लगा सकते हैं।

जन्माष्टमी पर अपनी राशि अनुसार करें उपाय

  1. मेष राशिः इस राशि के जातकों को सुख समृद्धि प्राप्त करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण की लाल चंदन से पूजा करनी चाहिए। मेष व वृश्चिक राशि वाले कृष्ण का श्रृंगार सिन्दूरी वस्त्र से करें व गुड़ से बनी मिठाई का भोग लगाएं। मेष राशि वाले जातक इस मंत्र का जाप करें, ॐ कमलनाथाय नम:

2. वृषभ राशि: इस राशि के जातक संतान प्राप्ति के लिए भगवान श्री कृष्ण को गोपी चंदन लगायें। वृषभ एवं तुला राशि वाले सफेद वस्त्र से श्रृंगार करें व माखन-मिश्री एवं केला का भोग लगाएं। वृषभ राशि वाले जातक कृष्ण-अष्टक का पाठ करें।

  1. मिथुन राशिः इस राशि के जातक भगवान श्री कृष्ण पर तुलसी जल एवं मंजरी जरूर चढायें। मिथुन व कन्या राशि वाले हरे वस्त्र से श्रृंगार करें इन दो राशि वालों को हरे फल और पेड़े का भोग बाल गोपाल को लगाना चाहिए। । मिथुन राशि वाले जातक ठाकुर जी को तुलसी चढ़ाएं एवं ॐ गोविन्दाय नम: मंत्र का जाप करें।
  1. कर्क राशि: भगवान श्री कृष्ण को प्रसन्न करने हेतु गाय के कच्चे दूध से भगवान श्री कृष्ण का अभिषेक करें। कर्क राशि वाले गुलाबी मोतिया रंग या लहरिया वस्त्र से श्रृंगार करें व पंचामृत और काजू का भोग लगाएं। कर्क राशि का स्वामी चन्द्रमा है, अतः इस राशि वालों को पूर्णावतार श्रीकृष्ण को केला, मक्खन एवं दूध का भोग लगाना अतिउत्तम होगा। कर्क राशि वाले जातक प्रभु को सफेद गुलाब चढ़ाएं एवं राधाष्टक का पाठ करें।

 

  1. सिंह राशि: सिंह राशि के जातक भगवान श्री कृष्ण को धातु की बांसुरी चढायें जिससे नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होकर भक्ति के मार्ग में बाधांए दूर होकर भगवान श्री कृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त होगी। सिंह राशि वाले मेहरून वस्त्र से श्रृंगार करें। सिंह राशि वाले जातक को अनार, सेब तथा शुद्ध घी से बने मिष्ठान्न भगवान श्रीकृष्ण को भोग लगाना चाहिए। सिंह राशि वाले जातक ॐ कोटि-सूर्य-समप्रभाय नम: का जाप करें।

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  1. कन्या राशि: इस राशि के जातकों को भगवान श्री कृष्ण की पूजा में पंजीरी का भोग अवश्य लगाना चाहिए। कन्या राशि वाले जातक ठाकुर जी के बालरूप का स्मरण कर ॐ देवकी-नंदनाय नम: मंत्र का जाप करें।
  1. तुला राशि: इस राशि वालों को पूजा के उपरांत विशेष रूप से माखन मिश्री भगवान श्री कृष्ण को चढ़ाना चाहिए। इसके प्रभाव से व्यापार में सफलता प्राप्ति के साथ धन वृद्धि होगी। तुला राशि वाले जातक ठाकुर जी का स्मरण कर ॐ लीला-धराय नम: का जाप करें।

 

  1. वृश्चिक राशिःइस राशि के जातकों को भगवान श्री कृष्ण का शहद से अभिषेक करना चाहिए। वृश्चिक राशि वालेजातक ठाकुर जी के वराह अवतार का स्मरण कर ॐ वराह नम: का जाप करें।
  1. धनु राशि:इस राशि के जातकों को भगवान श्री कृष्ण को प्रसन्न करने के लिए भगवान की पूजा पीले फूलों से करने के साथ पीताम्बर चढ़ाना चाहिए। धनु एवं मीन राशि वाले पीले वस्त्र से श्रृंगार करें।धनु राशि वाले जातक ठाकुर जी के गुरु रूप का स्मरण कर ॐ जगद्गुरुवे नम: का जाप करें। इन दो राशि वाले लोग बाल गोपाल को रसदार फल जैसै अन्नास, अंगूर, मुसम्मी आदि अर्पित करें। इसके साथ ही पीले पकवान का भोग लगाएं।

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  1. मकर राशि: इस राशि वाले जातकों को मोर के पंख भगवान श्री कृष्ण को चढ़ाना चाहिए व कृपा प्राप्ति की प्रार्थना करनी चाहिए। मकर व कुंभ राशि वाले नीले या आसमानी वस्त्र से श्रृंगार करें । मकर राशि वाले जातक ठाकुर जी के सुदर्शनधारी रूप का स्मरण कर ॐ पूतना-जीविता हराय नम: का जाप करें। मकर एवं कुम्भ राशि वाले लोगों को सूखे मेवे एवं उड़द से बने पकवान का भोग भगवान श्रीकृष्ण को लगाना चाहिए। इससे आपको अति समृद्धि की प्राप्ति होगी।
  1. कुंभ राशि:इस राशि के जातकों को गंगा जल से भगवान श्री कृष्ण का अभिषेक करना चाहिए जिससे उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। कुंभ राशि वाले जातक ठाकुर जी के दया रूप का स्मरण कर ॐ दयानिधाय नम: का जाप करें।

12 मीन राशिःइस राशि के जातकों को भगवान श्रीकृष्ण का पीली गाय के दूध से अभिषेक करना चाहिए। मीन राशि वाले जातक ठाकुर जी के नटखट रूप का स्मरण कर ॐ यशोदा-वत्सलाय नम: का जाप करें।

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