अक्षय तृतीया के लाभदायक उपाय

अक्षय तृतीया के दिन यह 14 दान है महत्वपूर्ण : 1. गौ, 2. भूमि, 3 . तिल, 4. स्वर्ण, 5 . घी, 6. वस्त्र, 7. धान्य, 8. गुड़, 9. चांदी, 10. नमक, 11. शहद, 12. मटकी, 13 खरबूजा और 14. कन्या

कुंडली के ग्रहों की शांति के लिए तथा शुभफल प्राप्ति हेतु अक्षय तृतीया पर करें यह विशेष दान

1. अक्षय तृतीया की शाम को मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें और उसके बाद मां लक्ष्मी के चरणों में सात लक्ष्मीकारक कौडिय़ां रखें। आधी रात के बाद इन कौड़ियों को घर के किसी कोने में गाड़ दें। इस प्रयोग से शीघ्र ही आर्थिक उन्नति होने के योग बनेंगे।

2. धनलाभ चाहने वाले लोगों के लिए कुबेर यंत्र अत्यन्त सफलतादायक है। अक्षय तृतीया पर बिल्व-वृक्षके नीचे बैठकर इस यंत्र को सामने रखकर कुबेर मंत्र को शुद्धता पूर्वक जाप करने से यंत्रसिद्ध होता है तथा यंत्र सिद्ध होने के पश्चात इसे गल्ले या तिजोरी में स्थापित कियाजाता है। इसके स्थापना के पश्चात् दरिद्रता का नाश होकर, प्रचुर धन व यश की प्राप्ति होती है।

मंत्र

ऊँ यक्षाय कुबेरायवैश्रवणाय धन्य धन्याधिपतये धन धान्य समृद्धि में देहित दापय स्वाहा


3. आखातीज पर महालक्ष्मी यंत्र का पूजन कर विधि-विधान पूर्वक इसकी स्थापना करें। यह यंत्र धन वृद्धि के लिए अधिक उपयोगी माना गया है। कम समय में ज्यादा धन वृद्धि के लिए यह यंत्र अत्यन्त उपयोगी है। इस यंत्र का प्रयोग दरिद्रता का नाश करता है।


4. पुराने चांदी के सिक्के और रुपयों के साथ कौड़ी रखकर उनका लक्ष्मी पूजन के समय केसर और हल्दी से पूजन करें। पूजा के बाद इन्हे तिजोरी में रख दें। इस उपाय से बरकत बढ़ती है।


5. आखा तीज की सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कामों से निपट कर किसी लक्ष्मी मंदिर में जाएं और मां लक्ष्मी को कमल के फूल अर्पित करें और सफेद रंग की मिठाई का भोग लगाएं। मां लक्ष्मी से धन संबंधी समस्याओं के निवारण के लिए प्रार्थना करें। कुछ ही समय में आपकी समस्या का समाधान हो सकता है।

6. आखा तीज की शाम को घर के ईशान कोण में गाय के घी का दीपक लगाएं। बत्ती में रुई के स्थान पर लाल रंग के धागे का उपयोग करें, साथ ही दीए में थोड़ी सी केसर भी डाल दें। इस उपाय से भी धन का आगमन होने लगता है।

7. श्रीकनकधारा धन प्राप्ति व दरिद्रता दूर करने के लिए अचूक यंत्र है। इसकी पूजा से हर मनचाहा काम हो जाता है। यह यंत्र अष्टसिद्धि व नवनिधियों को देने वाला है। इसका पूजन व स्थापना भी अक्षय तृतीया पर करें।

8. अक्षय तृतीया पर श्रीमंगल यंत्र का पूजन कर स्थापना करें। इस यंत्र के नियमित पूजन से शीघ्र ही सभी प्रकार के कर्जों से मुक्ति मिल जाती है। मंगल भूमि कारक ग्रह है। अत: जो इस यंत्र को पूजता है वह अचल संपत्ति का मालिक होता है।


9. लग्न राशि के स्वामी ग्रह को करें प्रसन्न : प्रत्येक जातक की एक चन्द्र राशि होती है और इसी तरह कुंडली में जन्म के समय से संबंधित एक लग्न राशि भी होती है। जातक गुण व व्यवहार को लग्न राशि काफी हद तक प्रभावित करती है। यदि किसी के कार्य नहीं बन पा रहे हैं या आर्थिक रूप से तकलीफ में हैं तो अपनी लग्न राशि के स्वामी ग्रह के अनुकूल रंग की कोई वस्तु अपने साथ जरूर रखें या स्वामी ग्रह के रंग से संबंधित कोई एक छोटा कपड़ा अपने साथ जरूर रखें।


10. अलमारी रखें उचित स्थान पर : धन की अलमारी उत्तर दिशा के कमरे में दक्षिण की दीवार पर अगर लगी हो तो यह धनवृद्धि में लाभदायक साबित हो सकती है।

11. मुख्य द्वार पर दीपक लगाएं : प्रात:-सुबह लक्ष्मीजी का पूजन घर में प्रतिदिन किया जाना चाहिए और सायंकाल घर के मुख्य द्वार पर दाईं ओर एक घी का दीया जरूर जलाना चाहिए। इन दोनों कार्यों से धन की देवी लक्ष्मीजी प्रसन्न होकर व्यक्ति के पास ही रहती हैं।

12. घर के मुख्य द्वार पर गणेशजी का स्वरूप : गणेश भगवान के स्वरूप को घर के मुख्य द्वार पर लगाने से घर में धन संबंधित सभी समस्याओं का अंत होता है और घर में नकारात्मक शक्तियों का भी उदय नहीं हो पाता है।

13. घर में तुलसीजी का पौधा लगाएं: तुलसीजी की सेवा करने से धन-धान्य की कोई कमी नहीं होती है। तुलसी के पौधे पर नियमित रूप से दीपक लगाने और पूजन से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। 

14. गोमाता को चारा खिलाएं : नित्य सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर गोमाता को हरा चारा या आटे का भोग लगाने से भी लक्ष्मीजी प्रसन्न होती हैं।

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