कुंभ,मिथुन और तुला राशि के लोगो के लिए यह सिद्ध उपाय किसी वरदान से कम नहीं है।

सामान्यत: साढ़ेसाती और ढैय्या के समय अधिकांश व्यक्तियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इनसे बचने के लिए सबसे जरूरी है कि शनि देव की आराधना और धार्मिक कर्म करें।

वर्तमान समय में शनि के मकर राशि में परिवर्तन होने से कुंभ राशि वाले लोगों पर शनि की साढ़ेसाती और  मिथुन और तुला राशि के जातक शनि की ढैय्या  के प्रभाव में आ जाएंगे। 

कुंभ, मिथुन और तुला राशि के लोगो के  लिए यह सिद्ध नाव की कील की अंगूठी किसी वरदान से कम नहीं है ।

नाव की कील का रहस्य - शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या

लोहे की कील शनि की है। और जब यही कील नाव में लग जाती है तो कुछ और बन जाती है ।

चंद्र के पानी पर यह नाव तैरती है।

मंगल के कटाव बहाव को चीरती आगे बढ़ती है ।

शुक्र के त्रिकोण होते है नाव और कील में ।

और राहु ।

राहु का ही तो है यह सारा समन्दर और जलीय जीव ।

इस कील की  अंगूठी राहु की तरह बेहद असर कारक है ।

नीलम भी इसके आगे कुछ नहीं ।

ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को क्रूर ग्रह माना जाता है, इसकी स्थिति से किसी भी व्यक्ति का पूरा जीवन प्रभावित होता है। शनि को न्यायाधिश का पद प्राप्त है। यह हमें हमारे कर्मों का फल प्रदान करता है। जिस व्यक्ति के जैसे कर्म होते हैं उसी के अनुसार उन्हें फल की प्राप्ति होती है। शनि साढ़ेसाती और ढैय्या के समय सबसे अधिक प्रभावी होता है।

शनि कृपा प्राप्ति के लिए एक सटिक उपाय बताया गया है नाव की कील की  अंगूठी। नाव की कील का छल्ला बनवाकर इसे मिडिल फिंगर(मध्यमा उंगली) में शनिवार के दिन पहनें। यह एक सटिक उपाय है।

नाव के कील की  अंगूठी धारण करने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या में शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। बिगड़े कार्य स्वत: ही बन जाते हैं। सभी परिणाम आपके पक्ष में आने लगते हैं।

लोहे की कील शनि की है। और जब यही कील नाव में लग जाती है तो कुछ और बन जाती है ।

नीलम भी इसके आगे कुछ नहीं ।

पर इसको निर्माण और धारण करने के कुछ तरीके है । और जब यह सही ढंग से सिद्ध प्राणप्रतिष्ठित हो जाती है तो शुरुआत हो जाती है अप्रत्याशित सफलताएं और आश्चर्य जनक रूप से हर मुसीबत , किसी भी मुसीबत से छुटकारा ।

क्योंकि यह राहु और शनि की कुछ विशेष प्रिय वस्तुओ में से है ।

शनि का प्रकोप दूर करने का इससे सरल परन्तु उतना ही सुलभ व सस्ता उपाय दूसरा नहीं मिलेगा। यह उपाय उन व्यक्तियों के लिए बहुत लाभकारी है जिन्हें शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या चल रही है