नवरात्रि का व्रत कर रहे हैं तो यह 16 काम बिलकुल ना करें, रुष्ठ हो सकती हैं माता

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नवरात्रि के पवित्र दिनों में नौ दिनों तक माता रानी की उपासना की जाती है। इन दिनों में मां को प्रसन्न करने के लिए भक्तजन व्रत पूजा अनुष्ठान करते है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन दिनों मां के नौ स्वरूपों की पूजा अर्चना करने से घर में सुख शांति बनी रहती है और मां भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। नवरात्रि के नौ दिन तक व्रत रखने को लेकर कुछ नियम धार्मिक मान्यताएं भी हैं जिनका पालन किया जाना आवश्यक होता है। नियमों के विपरीत करने पर देवी माता रुष्ठ हो सकती हैं। शास्त्रों के अनुसार अगर इन नियमों का पालन करने माता रानी की कृपा मिलती है और मनोकामना पूरी होती है। जाने किन नियमों का पालन करना जरूरी है

मां दुर्गा के 9 दिवसीय नवरात्रि व्रत संयम और अनुशासन की मांग करते हैं। देवी मां को प्रसन्न करना है तो इन कामों से बचकर रहें।

1-व्रत रखने वालों को दाढ़ी-मूंछ और बाल नहीं कटवाने चाहिए।

2 – नौ दिनों तक नाखून नहीं काटने चाहिए।

3- अगर अखंड ज्योति जला रहे हैं तो इन दिनों घर खाली छोड़कर नहीं जाएं।

4- लहसुन प्याज का सेवन न करें-नवरात्रि के पावन दिनों में सात्विकता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। आहार, व्यवहार और विचार में आपके सात्विकता होना जरूरी है तभी नवरात्रि के व्रत कापूरा लाभ मिल सकेगा। आप इन दिनों प्याज लहसुन और मांस मदिरा का सेवन ना करें। नवरात्रि के नौ दिनों तक पूर्ण सात्विक आहार लेना चाहिए।

5- नौ दिन का व्रत रखने वालों को गंदे और बिना धुले कपड़े नहीं पहनने चाहिए।

6- व्रत रखने वाले लोगों को बेल्ट, चप्पल-जूते, बैग जैसी चमड़े की चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

7- व्रत रखने वालों को नौ दिन तक नींबू नहीं काटना चाहिए।

8 – व्रत में नौ दिनों तक खाने में अनाज और नमक का सेवन नहीं करना चाहिए।

9- विष्णु पुराण के अनुसार, नवरात्रि व्रत के समय दिन में सोना निषेध है।

10.फलाहार एक ही जगह पर बैठकर ग्रहण करें।

11.चालीसा, मंत्र या सप्तशती पढ़ रहे हैं तो पढ़ते हुए बीच में दूसरी बात बोलने या उठने की गलती कतई ना करें। इससे पाठ का फल नकारात्मक शक्तियां ले जाती हैं।

12. कई लोग भूख मिटाने के लिए तम्बाकू चबाते हैं यह गलती व्रत के दौरान बिलकुल ना करें। व्यसन से व्रत खंडित होता है।                             

13.काम वासना पर काबू रखें- नवरात्रि के दिनों में काम भावना पर नियंत्रण रखना अतिआवश्यक हैं। इन दिनो में महिलाओं और पुरुष दोनो को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। मां की पूजा अर्चना साफ मन से करने से ही मां प्रसन्न होती है इसलिए इन दिनों शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए।

शारीरिक संबंध बनाने से व्रत का फल नहीं मिलता है।

14. कन्याओं का दिल न दुखाएं-

भारतीय परंपरा में कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप माना गया है। यही कारण है कि नवरात्रि में कन्या पूजन या कंजका पूजन कर लोग पुण्य की प्राप्ति करते हैं। माना जाता है नवरातों दौरान किसी भी कन्या या महिला के प्रति असम्मान का भाव न आने दें। शास्त्रों में यहां तक कहा गया है कि यत्र नार्यास्तु पूजयंते रमंते तत्र देवता। किसी भी कन्या का अपमान होने पर मां दुर्गा नाराज हो सकती हैं।

15- कलह से दूर रहें-
नवरात्रि के दिनों में बहुते स लोग व्रत में होते हैं ऐसे मे कलह करने से बचना चाहिए। क्योंकि कलह से व्रतधारी की आत्मा को दुख पहुंचता है जिससे देवी मां रुष्ठ हो सकती हैं। ऐसे में कोशिश करें कि हर प्रकार के वाद विवाद से दूर रहें। श्रीराम चरित मानस में भी ऐसा कहा गया है कि “जहां सुमति तहां संपति नाना। जहां कुमति तहां विपति निदाना।।” लड़ाई झगड़े वाले घर में लक्ष्मी नहीं ठहरतीं।

16- धार्मिक बातों में मन लगाएं
माना जाता है कि व्रत करने वाले को नवरात्रि नौ दिनों तक अपना समय फिज्यूल की बातों में न लगाकर धार्मिक ग्रंथों का अध्यन करना चाहिए। इन दिनों दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तसती का पाठ कर सकते हैं।

नवरात्रि के नौ दिनों का हिंदू सनातन धर्म में बहुत महत्व माना जाता है। हिंदू धर्म में इन नौ दिनों को भक्त बहुत हर्षोल्लास और खुशी के साथ मनाते हैं। वर्ष में दो नवरात्रि आती है। चैत्र माह में तो दूसरी शारदीय नवरात्रि होती हैं। इसबार शारदीय नवरात्रि 17 अक्तूबर से आरंभ हैं।  दोनों ही नवरात्रि में मां के नौ स्वरुपों की पूजा की जाती है। मां दुर्गा का आशीर्वाद ग्रहण करने के लिए ये दिन बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। नौ दिनों तक भक्तों को मां की कृपा पाने के लिए सयंम और श्रद्धा के साथ आराधना करनी चाहिए। नवरात्रि के दिनों में नियमों का पालन करना आवश्यक माना गया है

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