आपकी कुंडली में राहु खराब होने के यह हैं लक्षण!…

राहु-केतु 23 सितंबर को कर रहे है राशि परिवर्तन-जानिये क्या पड़ेगा सभी राशियों पर इसका प्रभाव -ज्योतिर्विद श्यामा गुरुदेव

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जन्मकुंडली में अन्य ग्रहों के साथ-साथ राहु और केतु का भी विशेष महत्व है। राहु का नाम सुनते ही व्यक्ति अनिष्ट की आशंका करने लगता है जो कि काफी हद तक सही भी है परंतु प्रत्येक स्थिति में नहीं।ये दोनों एक ही सिक्के के दो पहलु की तरह एक दूसरे से विपरीत हैं, लेकिन इनका कुंडली में शुभ या अशुभ होना आपको सबसे अधिक प्रभावित करता है।

कन्या राशि में राहु स्वराशि समान माना जाता है।

राहु मिथुन राशि में उच्च व धनु में नीच का होता है।

शनि, बुध व शुक्र से राहु मित्र तथा सूर्य, चंद्र, मंगल व गुरु से शत्रु व्यवहार रखता है।

नक्षत्रों में राहु आद्रा, स्वाति और शतभिषा नक्षत्रों का स्वामी है।

वैदिक ज्योतिष में राहु तामसिक ग्रह तो है ही, साथ ही राहु के कारक तत्वों में भी अधिकांशतः ऐसी वस्तुएं हैं जो व्यक्ति को तामसिक प्रवृत्ति या अशुभ मार्गों की ओर ले जाती हैं जैसे- मतिभ्रम, छल-कपट, झूठ बोलना, चोरी, तामसिक भोजन, कठोर वाणी, जुआ, षड्यंत्र, छिपे शत्रु, अनैतिक कर्म, आकस्मिकता, नकारात्मक सोच, त्वचा के रोग, धार्मिक यात्राएँ आदि।

यह एक क्रूर ग्रह है, परंतु यदि राहु कुंडली में मजबूत होता है तो जातकों को इसके अच्छे परिणाम मिलते हैं जबकि कमज़ोर होने पर यह अशुभ फल देता है।

जिस व्यक्ति की जन्म पत्रिका में राहु अशुभ स्थान पर बैठा हो, अथवा पीड़ित हो तो यह जातक को इसके नकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं।

जिस व्यक्ति की जन्म कुंडली में स्थित लग्न भाव में राहु होता है वह व्यक्ति सुंदर और आकर्षक व्यक्तित्व वाला होता है। व्यक्ति साहसिक कार्यों से पीछे नहीं हटता है।

लग्न का राहु व्यक्ति को समाज में प्रभावशाली बनाता है। वहीं इसके प्रभाव बहुत हद तक लग्न में स्थित राशि पर निर्भर करता है। इसके अलावा ज्योतिष में लग्न का राहु व्यक्ति के वैवाहिक जीवन के लिए अनुकूल नहीं माना जाता है।

कुंडली में राहु का अशुभ असर होने से बीमारियां, परेशानियां और असफलता पीछे लग जाती हैं।

राहु ही केतु के साथ योग कर कालसर्प योग का भी निर्माण करता है। ऐसी स्थिति जब सभी ग्रह राहु और केतु के बीच में स्थित हो जाए उसे ही तथाकथित कालसर्प योग माना जाता है।

सब ग्रहों पर भारी है राहु!

राहु और शुक्र-

राहु ग्रह के साथ शुक्र की युति से व्यक्ति गलत आदतों का शिकार हो सकता है। व्यक्ति के अंदर से नैतिकता का पतन होने लगता है। राहु की शुक्र से युति जातक को तामसिक विलासिता की ओर ले जा सकती है। ऐसे में मदिरापान की आदत हो सकती है। पुरूष की कुंडली में यह योग प्रेम-विवाह, अन्तर्जातीय विवाह भी करा सकता है। व्यक्ति अधर्म के मार्ग पर चलने को विवश हो जाता है। शुक्र के शुभ असर राहु समाप्त कर देता है।

राहु और मंगल

इसे अंगारक योग भी कहते हैं। ये योग भाई के लिए अशुभ रहता है। खून से संबंधित समस्या हो सकती है। वहीं यह भी माना जाता है कि राहु और मंगल दोनों साथ होते हैं तो एक दूसरे को अस्त कर देते हैं।राहु और मंगल की युति भी अनिष्टकारी होती है। ऐसा व्यक्ति क्रोधी व अहंकारी होता है। इस योग से दुर्घटना, शत्रु बाधा या लड़ाई झगड़े की समस्या भी होती है। स्त्री की कुंडली में यह वैवाहिक जीवन में भी समस्याएं उत्पन्न करेगा।

राहु और गुरु

कुंडली में राहु और गुरु का योग होने से कुछ शुभ तो कुछ अशुभ प्रभाव देखने को मिलता है। इस योग से व्यक्ति लंबी आयु तक जीवित रहता है, लेकिन इनके जीवन में परेशानियां हमेशा बनी रहती हैं।राहु व गुरु की युति को गुरु चांडाल दोष भी कहते हैं। ऐसे में विवेक में कमी, शिक्षा में बाधा होती है। संतान सुख में बाधायें आती हैं तथा व्यक्ति में कार्यों को व्यवस्थित करने की प्रतिभा कम होती है तथा उन्नति में भी बाधायें आती हैं।

राहु और शनि-

जिन लोगों की कुंडली में शनि के साथ राहु स्थित है, वे रहस्यमयी होते हैं। ये लोग गुप्त कार्यों से अधिक पैसा कमाते हैं।अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा सरकार से छिपाते हैं। यदि सप्तम भाव में ये युति रहती है तो जीवन साथी से तालमेल नहीं बन पाता है। कुंडली में शनि, राहु की युति जातक को ऐसे कार्य से जोड़ सकती है जिसमें आकस्मिक लाभ की संभावना हो या चातुर्य से लाभ हो परंतु आजीविका में कुछ संघर्ष अवश्य रहेगा।

राहु और सूर्य-(ग्रहण दोष)

इस योग का प्रभाव बहुत ही अशुभ होता है। पिता पुत्र में विवाद रहता है और परेशानियां आती हैं। वहीं राहु ही सूर्य का ग्रास भी करता है। यदि राहु और सूर्य की युति कुंडली में है तो जीवन में पिता का सुख नहीं मिलेगा, पुत्र सुख में भी कमी होगी प्रसिद्धि व प्रतिष्ठा की प्राप्ति नहीं होगी, व्यक्ति का आत्मविश्वास डांवाडोल रहेगा, तथा भला करने पर भी भलाई नहीं मिलेगी अर्थात यश नहीं मिलेगा।

 

राहु और चंद्रमा-(ग्रहण दोष)  

राहु और चंद्रमा यदि कुंडली में एक साथ हैं तो व्यक्ति को माता का सुख कम रहेगा। ऐसा व्यक्ति मानसिक रूप से सदैव अशांत रहेगा, एकाग्रता की कमी रहेगी, जल्दी अवसाद में आ जाना, चिंता करना आदि। ऐसा व्यक्ति व्याकुलता व घबराहट से भी परेशान रहता है तथा सर्दी की समस्याएं भी उसे सताती हैं।

 

राहु और बुध-

राहु और बुध की युति से निर्णय क्षमता में कमी या शीघ्रता में गलत निर्णय लेना, शिक्षा में उतारचढ़ाव वाणी दोष भी हो सकता है। राहु के इस योग से व्यक्ति को सिर से संबंधित बीमारियां हो सकती हैं

यदि ऐसे योग आपकी कुण्डली में भी है तो आज ही संपर्क करे……

राहु के अशुभ प्रभाव!

1-राहु के अशुभ असर से व्यक्ति को अपमान का दंश झेलना पड़ता है।

2-राहु के अशुभ प्रभाव से किसी काम में व्यक्ति को सफलता नहीं मिलती।

3- जब कुंडली में राहु अशुभ होता है व्यक्ति नशे का आदी हो जाता है।

4 – राहु राजनीति में तो ले जाता है लेकिन बदनामी का कारण भी यही ग्रह होता है।

5- अशुभ राहु के प्रभाव से व्यक्ति की व्यवहार और नैतिकता में लगातार गिरावट आती है

आपकी कुंडली में राहु खराब होने के यह हैं लक्षण!…

अगर आपकी कुंडली में राहु दोष है तो यह आपको बुरे प्रभाव देगा। लेकिन समस्या यह है कि आप कैसे पहचानेगे कि राहु दोष है। तो हम आपको बताते है कि किन लक्षणों से आप जान सकते है कि राहु दोष है कि नहीं।

अगर आपके घर-परिवार में बिना बात घर में कलह, हर काम बनते-बनते बिगड़ जाते हैं, शत्रु बिना बात परेशान करें, आपकी सेहत ठीक न रहें या फिर आपका सम्मान कोई न करें तो समझ लीजिएं कि आपका कोई ग्रह खराब है।

लक्षण-1. अगर आपकी कुंडली में राहु दोष है तो आपको मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान, स्वयं को ले कर ग़लतफहमी, आपसी तालमेल में कमी, बात बात पर आपा खोना, वाणी का कठोर होना और अपशब्द बोलना साथ ही अगर आपकी कुंडली में राहु की स्थिति अशुभ हौ तो आपके हाथ के नाखून अपने आप टूटने लगते हैं।

2- इसके साथ ही वाहन दुर्घटना, पेट में कोई समस्या, सिर में दर्द होना, भोजन में बाल दिखना, अपयश की प्राप्ति, संबंध ख़राब होना, दिमागी संतुलन ठीक नहीं रहता है, शत्रुओं की ओर से परेशान आदि आपकी कुंडली में राहु के खराब होने के संकेत है।

अगर आप इन समस्याओं से परेशान है तथा आप राहु के शुभ फलों को प्राप्त करना चाहते हैं या अशुभ फलों के प्रभाव से बचना चाहते हैं तो आज संपर्क करे ही

दिनांक 23 सितम्बर 2020 को प्रातः 08:20 मिनट पर राहु मिथुन राशि से वृष राशि में गोचर करेगा। वृष का स्वामी शुक्र है। सभी को संकटों से थोड़ी राहत मिल सकती है। राहु 12 अप्रैल 2022 तक इसी राशि में रहेगा। इसका प्रभाव प्रत्येक राशियों पर पड़ेगा। यह गोचर वृष व वृश्चिक राशि के लिए थोड़े संघर्ष के बाद सफलता का है। मिथुन व कन्या राशि के लोग व्यवसाय में सफलता की प्राप्ति करेंगे। सिंह व मीन के लोग जॉब को नई दिशा देंगे। कन्या व मीन राशि राजनीति में ज्यादा लाभान्वित होगी।

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राहु के 18 महीनों के बाद एक राशि से दूसरी राशि में जाने से सभी राशियों पर इसका शुभ और अशुभ दोनों तरह के प्रभाव देखने को मिलेगा। ऐसे में राशिनुसार कुछ मंत्रों का जाप करने से और उपाय करने से अशुभ राहु का प्रभाव आपके ऊपर से कम हो जाता है। अशुभ राहु का प्रभाव और राशिनुसार उपाय

मेष राशि

आपके लिए राहु का गोचर शुभ परिणामकारी रहेगा। कई क्षेत्रों में आपको शानदार परिणाम मिलने की संभावना है। इसके प्रभाव से आपके साहस में वृद्धि होगी। लेकिन वैवाहिक जीवन में आप असमंजस की स्थिति में रहेंगे। जिन जातकों की राशि मेष है उन्हें राहु के दुष्प्रभाव से बचने के लिए नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। राहु व्यवसाय में आपकी महत्वाकांक्षी योजनाओं को विस्तार देगा। हेल्थ की स्थितियां थोड़ी प्रतिकूल हो जाएंगी। जॉब परिवर्तन में सफलता मिलेगी। व्यवसाय परिवर्तन में सफल हो सकते हैं। यह गोचर मेष राशि के लोगों के लिए शुभ परिणाम लाएगा। प्रबल संभावनाएं बन रही हैं कि इस दौरान आपको सफलता मिलेगी। साहस और सकारात्मकता में इजाफा होगा। यह गोचर आपकी आर्थिक स्थिति को बेहतर करेगा। कारोबार में कामयाबी मिलेगी। सफेद व लाल रंग शुभ है। प्रत्येक रविवार को गेहूं व गुड़ का दान करें। बुधवार को बहते जल में नारियल प्रवाहित करें।

राहु के विपरीत परिणाम से बचने का उपाय

– प्रत्येक शनिवार एवं बुधवार को भगवाान भैरव का दर्शन एवं त्रयोदशी के दिन रुद्राभिषेक। 

– शनिवार के दिन भगवान भैरव का दर्शन एवं भैरवाष्टक का पाठ। 

वृषभ राशि

मध्यम फल रहेगा। जॉब में सुखद परिवर्तन का प्रस्ताव मिलेगा। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। प्रत्येक मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करें। शुक्रवार व बुधवार को अन्न का दान करें। नीला व हरा रंग शुभ है। राजनीति से सम्बंध‍ित जातकों को लाभ मिलेगा।गोचर के प्रभाव से आपका आर्थिक जीवन प्रभावित होगा। परिवार में भी कलह की स्थिति पैदा हो सकती है। परिवार में किसी बात को लेकर मनमुटाव हो सकता है। इस समय बोलते समय सावधानी बरतें। 18 महीने के बाद राहु वृषभ राशि में गोचर कर रहे हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा प्रभाव इस राशि के जातकों पर पड़ेगा। राहु इसी राशि में वक्री हो रहे हैं, इस कारण वृष राशि के जातकों को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। खर्चीला समय होगा, ऑफिस का माहौल अनुकूल नहीं रहेगा। परिवार में क्लेश हो सकते हैं। वृषभ राशि के लोग मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करें।

राहु के विपरीत परिणाम से बचने का उपाय

– ‘ॐ रां राहवे नम:’ का प्रत्येक शाम एक माला जप करें। 

– शनिवार के दिन काला कंबल का दान करें। 

मिथुन राशि

राहु का गोचर संकेत करता है कि स्वास्थ्य के प्रति बहुत सचेत रहना होगा। यदि आप जॉब में परिवर्तन करना चाहते हैं तो यह समय आपके लिए शुभ अवसर प्रदान करेगा। हरा रंग शुभ है। प्रत्येक बुधवार को हरे वस्त्र तथा रविवार को गुड़ का दान करें। धन आगमन होगा।आपको शारीरिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता आपको निर्णय लेने में कठिनाई होगी। किसी अंजान चीज को लेकर बेचैनी रह सकती है। मिथुन राशि से बारहवें भाव में राहु गोचर कर रहे हैं, ऐसे में हताशा, चिंता और अनिश्चितता हो सकती है। कारोबार में नुकसान हो सकता है। केतु के कारण दिक्कतें बढ़ सकती हैं। धन हानि और बुजुर्गों की सेहत को लेकर सचेत रहें। छात्रों को अधिक मेहनत करनी पड़ेगी। मिथुन राशि को छोड़कर राहु वृषभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं ऐसे में इस राशि के जातकों को नियमित रूप से विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।

राहु के विपरीत परिणाम से बचने का उपाय

 – कुत्ते को रोटी, चिड़िया को दाना और ब्राह्मण को भोजन खिलाएं। 

– लोहे का दान करने से निश्चित रूप से राहु के कष्ट दूर होंगे। 

कर्क राशि

कार्य बाधाएं आ सकती हैं। व्यवसाय में सुंदर अवसर की प्राप्ति का समय है। छात्रों के लिए यह समय बहुत सुंदर है। सफेद रंग शुभ है। राजनीतिज्ञों के लिए भी यह समय बहुत ही अनुकूल है। जॉब में प्रमोशन का प्रयास करें। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। प्रतिदिन अन्न का दान करें। शिव उपासना करते रहें।आपके विदेश यात्रा पर जाने की संभावना बन रही है। लेकिन आपके ख़र्चों में बढ़ोतरी होगी। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। लंबी यात्रा पर जाने की संभावना तो बन रही है। लेकिन आपको सावधानी से काम लेने की आवश्यकता होगी। अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। केतु के राशि परिवर्तन रुकावट पैदा कर सकती हैं। सेहत के प्रति सजग रहें।कर्क राशि के जातकों को कुबेर मंत्र का जाप करना चाहिए।

           

सिंह राशि

आत्मबल कम मत होने दें। जॉब को लेकर मन का द्वंद्व समाप्त होगा। राजनीति में सुंदर अवसरों की प्राप्ति करेंगे। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। नीला व सफेद रंग शुभ है। प्रतिदिन श्री सूक्त का पाठ करें। परिवार व मित्रों का सहयोग आपके साथ है। बुधवार को गाय को पालक व चने की दाल खिलाते रहें। राहु का गोचर शुभ परिणामकारी रहेगा। इसके प्रभाव से आपकी आमदनी में इजाफा होगा। राहु के शुभ प्रभाव के कारण आपको अपने कार्यक्षेत्र में उपलब्धि का सामना करना पड़ सकता है। राहु के प्रभाव से आर्थिक मामलों में फायदा होगा, जबकि केतु के गोचर के कारण धन संबंधी दिक्कतों के योग हैं। धैर्य रखें और संपत्ति को लेकर लेन-देन न करें। सिंह राशि के जातकों को राहु को अपने पक्ष में करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।

कन्या राशि

राहु व्यवसाय में आशातीत सफलता देगा। स्वास्थ्य भी बेहतर होगा। गृह निर्माण सम्बन्धित नया कार्य आरंभ होगा। किसी व्यक्ति से नए राजनैतिक संबन्ध बन सकते हैं। हरा रंग शुभ है। जॉब के दृष्टिकोण से यह बहुत ही अच्छा  रहेगा। राहु के द्रव्य दान करने से बाधाएं समाप्त होंगी। प्रतिदिन भैरो उपासना करें। आपको कार्यक्षेत्र में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। धैर्य से काम लेना होगा। कार्यक्षेत्र में बनते काम बिगड़ सकते हैं। अध्यात्म के क्षेत्र में रुचि बढ़ेगी। इससे राशि में राहु का गोचर नवम भाव में हो रहा है जिससे धन लाभ की संभावना है। इस दौरान किये गए कार्य जल्दी पूरे होंगे। वहीं, तीसरे भाव में केतु का गोचर हो रहा है जिससे चोट लगने का खतरा है। कन्या राशि के जातकों के लिए नियमित रूप से शनि आराधना करना शुभ फल दायक रहेगा।

तुला राशि

राहु का वक्री होना जहां भाग्योदय के योग बना रहा है वहीं, केतु गोचर उसे प्रभावित कर रहा है। इससे कार्य समय पर पूरे नहीं होंगे और कई रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है।व्यवसाय में लाभ की संभावना रहेगी। गृह निर्माण सम्बन्धी आपकी ठप्प पड़ी योजनाओं को शुरू होना आपके लिए शुभ है। घर पर ही धार्मिक कार्य होंगे। हरा रंग शुभ है। प्रतिदिन प्रातःकाल पूजा के बाद चावल व गुड़ दान करने से पुण्य की प्राप्ति होगी। जॉब परिवर्तन के दृष्टिकोण से यह समय बहुत ही श्रेयस्कर है।आपको भाग्य की बजाय अपनी मेहनत पर ही भरोसा करना होगा। क्योंकि राहु की पैनी दृष्टि आपके किस्मत के सितारों को कमजोर करेगी। चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहें। आपके नैतिक मूल्यों का पतन हो सकता है।तुला राशि के जातकों पर राहु के दुष्प्रभाव से बचने और जीवन से बाधाओं को दूर करने के लिए गणेश वंदना करना अच्छा रहेगा।

वृश्चिक राशि

पारिवारिक जीवन को लेकर परेशान हो सकते हैं। जीवनसाथी से अनबन होने के चलते तनाव रहेगा। कई लोग आपसे दूर हो जाएंगे। वहीं, केतु का गोचर इसी राशि में होगा। इसके प्रभाव से हो सकता है कि आप अपने लक्ष्य से भटक जाएं।यश व प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी। आप जॉब को परिवर्तित करने की सोचेंगे जो कि भविष्य में बेहतर रहेगा। व्यवसाय में भी सफलता है। लाल रंग शुभ है। प्रत्येक बुधवार को मूंग का दान करें। जॉब में प्रमोशन हेतु प्रयास करें तो सफलता मिलने की संभावना अधिक है। प्रतिदिन सुंदरकांड का पाठ करें।उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को फायदा होगा। खासकर यदि आप किसी शोध के कार्य में लगे हैं तो राहु का गोचर आपको उसमें सफलता दिलाएगा। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। नशे की हालत में वाहन को न चलाएं।आपके लिए हनुमान चालीसा के साथ भगवान शिव की आराधना करना उत्तम रहेगा।

धनु राशि

राहु का राशि परिवर्तन बहुत ही सुखद रहेगा। व्यवसाय में सफलताओं व जॉब में प्रगति का समय है।  स्वास्थ्य पहले से बेहतर होगा। आपके ससुराल पक्ष की सहायता से कोई रुका सरकारी कार्य पूर्णता की तरफ जाएगा। इस दौरान आपको शुभ संदेश मिलेंगे क्योंकि आपकी राशि में राहु का गोचर छठे भाव में हो रहा है। इस समय आप अपने विरोधियों को मात देने में सफल रहेंगे। वहीं, केतु के प्रभाव से परिवार में विवाद और सेहत खराब हो सकती है।धन का आगमन होगा। लाल रंग शुभ है। राजनीतिज्ञों के लिए यह परिवर्तन बहुत ही शुभ अवसरों वाला है। स्वास्थ्य सुख के लिए बजरंगबाण का नियमित पाठ करें।व्यापार में नुकसान उठाना पड़ सकता है। खासकर पार्टनरशिप में कार्य करना बहुत अधिक फायदे का सौदा नहीं होगा। व्यापार में सावधानी के साथ कदम लेना सही रहेगा, अन्यथा आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। यह गोचर लाइफ पार्टनर से मतभेद का कारण भी बन सकता है।राहु बहुत जल्द जातकों की बुद्धि को भ्रमित कर देता है ऐसे में जातक किसी भी निर्णय को सही से नहीं ले पाता है। ऐसे में राहु के प्रकोप से बचने के लिए देवगुरु बृहस्पति के मंत्रों का जाप करना अच्छा रहेगा।

मकर राशि

सूर्य व बुध राजनीति में सफलता देंगे। स्वास्थ्य के प्रति एलर्ट रहना होगा। आय प्राप्ति के नए स्रोत बन सकते हैं। सफेद रंग शुभ है। मकर जातकों के पंचम भाव में राहु का गोचर हो रहा है, इससे मिले-जुले परिणाम मिलेंगे। किसी काम को शुरू करने को लेकर असमंजस की स्थिति रहेगी। केतु नये अवसर मिलने की संभावनाओं को प्रबल करेगा। प्रत्येक शनिवार को तिल  का दान करें तथा हनुमानबाहुक का पाठ करें।राहु के गोचर से आपके कर्ज में वृद्धि हो सकती है। आपको ध्यान से आर्थिक फैसले लेने होंगे। आपके शत्रु आपके ऊपर हावी रहेंगे। उनसे सावधान रहने की आवश्यकता है। इस दौरान आपको उनके कुचक्र से बचना होगा। मकर राशि के जातक राहु से जुड़े मंत्रों का जाप करें। इससे राहु का शुभ प्रभाव आपके ऊपर पड़ेगा।

कुंभ राशि

 यह परिवर्तन मिश्रित फलदायी है। आप एक ऐसे मिशन पर कार्य आरंभ करेंगे जो आपका ड्रीम रह चुका है। व्यावसायिक योजनाएं सफलता की तरफ मुड़ेंगी। हरा रंग शुभ है। प्रत्येक शनिवार व बुधवार  को तिल का दान करें। दाम्पत्य जीवन में कड़वाहट आएगी, लेकिन संयम रखें – जल्दी मुक्ति भी मिलेगी। यात्रा के योग हैं। इस समय निवेश न करें। सेहत प्रभावित होगी।आपकी संतान को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। संतान को लेकर आप चिंतित दिखाई देंगे। अगर आप छात्र हैं तो उच्च शिक्षा में आपको दिक्कतें आ सकती हैं। प्रेम जीवन में समस्या का सामना करना पड़ सकता है। 

कुंभ राशि के लिए शनिदेव के जुड़े मंत्रों का जाप करना अच्छा रहेगा। 

मीन राशि

खुशियां मिलेंगी और जीवन में सकारत्मकता आएगी। किसी से विवाद करने से बचें। सेहत अच्छी रहेगी।यह परिवर्तन राजनीतिज्ञों के लिए बहुत शुभ है। व्यवसाय के लिए तनाव का समय  है।  व्यवसाय मे मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा जिससे नवीन अवसरों की प्राप्ति करेंगे। नीला रंग शुभ है। प्रत्येक बुधवार को मूंग का दान करें। यह गोचर प्रोन्नति का अवसर प्रदान करता है। प्रतिदिन गणेश उपासना करते रहें। बुधवार को उड़द का दान पुण्यदायी है।आपकी माता जी को शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उनकी सेहत का ध्यान रखें। आपके सुखों में भी कमी आ सकती है। इस दौरान आपको धैर्य से काम लेना होगा।

मीन राशि के लोग हनुमान चालीसा का पाठ करें। राहु का दुष्प्रभाव आपके ऊपर से कम होगा।

उपरोक्त राशि अनुसार प्रभाव तथा उपाय का वर्णन राहु केतु के सामान्य गोचर के आधार पर दिया गया है। आपकी कुंडली में राहु केतु की विशेष स्थिति अनुसार प्रभाव एवं उपाय जानने के लिए कृपया निचे दिए लिंक पर क्लिक करे…..

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