सनातन धर्म संस्कृति की पूर्णता का प्रतीक – होली के अदभुत प्रयोग

ज्योतिष शास्त्र में होली का विशेष महत्व है। इस दिन अपनी किसी भी समस्या,अभिलाषाओं के लिए किये गए प्रयोग शीघ्र ही फलीभूत होते है। शास्त्र कहते हैं- उत्सव (उत्+सव) अर्थात् उत्कृष्ट यज्ञ। जीवन को यज्ञमय बनाकर चैतन्यस्वरूप परमात्मा का आनंद-उल्लास प्रकटाने का सुअवसर प्रदान करते हैं सनातन संस्कृति के उत्सव। ऋतुराज वसंत की प्रारम्भिक वेला में मनाया जाने वाला ‘होलिकोत्सव’ वसंतोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस समय प्रकृति नवचैतन्य से युक्त होती है। जानिए होली के अदभुत प्रयोग, उपाय

Astrologer Shyama Gurudev ज्योतिर्विद श्यामा गुरुदेव (आध्यात्मिक मार्गदर्शक एवं ज्योतिषीय चिंतक) & India Astrology Foundation द्वारा बताये जा रहे सनातन धर्म संस्कृति की पूर्णता का प्रतीक – होली के अदभुत प्रयोग ( Holi Ke Adbhut Prayog )

को अपनाकर आप भी होली पर अपनी किस्मत सवार सकते है…..

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ज्योतिष एवं तन्त्र शास्त्र में होली का विशेष महत्व है । इस समय अपनी किसी भी समस्या के लिए, सभी अभिलाषाओं के लिए किये गए उपाय, टोटके शीघ्र ही फलीभूत होते है । इन उपायों को होलिका दहन Holika Dahan पर करने की भारत में सदियों से परम्परा चली आ रही है । होलिका दहन Holika Dahan पर विभिन्न समस्याओं के लिए एक से अधिक विशेष उपाय भी किये जा सकते है । ये उपाय अनुभूत , आजमाए हुए हैं इन्हें बिना टोके हुए करना चाहये ।

इन उपायों को करते समय मन में तनिक भी शंका नहीं होनी चाहिए , और इनको करने के बाद अपनी अभिलाषा के बारे में किसी को बताना भी नहीं चाहिए ।

आप अपनी समस्या के अनुसार  होलिका दहन 9 मार्च और होली 10 मार्च वाले दिन एक से अधिक उपाय कर सकते है

अगर राजद्वार अर्थात सरकारी पक्ष से मनमुटाव हो या न्यायलय से कोई भय हो तो नया आम ( होली के समय तक आम आने लगता है या कच्चा आम )  और गेहूं की एक मुट्ठी को होलिका में डालें। आपके सरकारी कार्य, न्यायलय सम्बन्धी कार्य सफल होने लगेंगे ।

अगर अपने साझेदार, किसी दोस्तों से मनमुटाव हो या शत्रु पीछे पड़े हो तो जलती होली में एक मुट्ठी चावल और 7 फूटी कौडिय़ां डाल दे , और ईश्वर से अपनी समस्या के निराकरण के लिए प्रार्थना करे । होली पर इस उपाय को करने से कैसा भी विवाद शान्त होने लगता है शत्रु निष्प्रभावी हो जाता है ।

अगर परिवार में भाइयों से मनमुटाव हो या जमीन जायदाद का विवाद हो तो 11 नीम की पत्तियां और लाल चंदन को अपनी मनोकामना कहते हुए जलती हुई होलिका में अर्पित करें ।

पिता या किसी बुजुर्ग से विवाद होता है तो उसकी समाप्ति के लिए होलिका Holika में हल्दी की 7 गांठें और एक मुट्ठी चने की दाल डालें और अपनी परेशानी बताएं विवाद समाप्त लगेगा।

 पुत्र की पिता से न बनती हो तो होली के दिन पुत्र पिता के जूतों से पुराने मोजे निकाल कर उनमें नए मोजे रख दें, दोनों के बीच चल रहा टकराव दूर हो जाएगा।अगर परिवार में पुत्र या पुत्री से परेशानी हों या वह आपका कहा ना मानते हों, बिगड़ रहे तो तो होली में सूखे प्याज, लहसुन और हरा नींबू डालें। आपकी सन्तान आपका कहना मानने लगेगी ।

यदि आपके घर में कोई बच्चा या बीमार व्यक्ति ठीक होने के बाद भी बार बार दोबारा से बीमार पड़ जाता हो तो होली के दिन बिना कटे हुए पान, लाल गुलाब और बताशे लेकर रोगी के शरीर पर 31 बार घुमाएं और फिर सूर्योदय से पहले इसे किसी चौराहे पर रख दें। ऐसा करने से बीमार व्यक्ति की स्थिति में सुधार होता है।

होली पर किसी याचक को खाली हाथ न लौटने दें, साथ ही इस दिन जो भी आपके घर पर रंग खेलने के समय या बाद में होली मिलने आएं उन्हें वही पकवान

खिलाएं जो खुद खाते हैं,  इस दिन रंगों का भी दान करें । मान्यता है कि इससे भाग्य चमकने लगता है, जीवन में सुख-समृद्धि और हर्ष की प्राप्ति होती है।

होली जलने के बाद अगले दिन होली की  राख को लेकर लाल रूमाल में बांधकर उसे अपनी तिजोरी या पर्स में रख लें।  ऐसा करने से धन हानि नहीं होती है और घर पर धन की कोई भी कमी नहीं होती है।

यदि राहु को लेकर कोई परेशानी है तो एक नारियल का गोला लेकर उसमें अलसी का तेल भरें। उसी में थोड़ा सा गुड़ डालें। फिर उस नारियल के गोले को अपने शरीर के अंगों से स्पर्श कराकर जलती हुई होलिका में डाल दें। आगामी पूरे वर्ष भर राहु परेशान नहीं करेगा।

धनहानि से बचाव के लिए होली के दिन मुखय द्वार पर गुलाल छिड़कें और उस पर द्विमुखी दीपक जलाएं। दीपक जलाते समय धनहानि से बचाव की कामना करें। जब दीपक बुझ जाए तो उसे होली की अग्नि में

होली के अवसर पर एक एकाक्षी नारियल की पूजा करके लाल कपड़े में लपेट कर दूकान में या व्यापार स्थल पर स्थापित करें। साथ ही स्फटिक का शुद्ध श्रीयंत्र रखें। उपाय निष्ठापूर्वक करें, लाभ में दिन दूनी रात चौगुनी वृद्धि होगी।

व्यापार लाभ के लिए होली के दिन गुलाल के एक खुले पैकेट में एक मोती शंख और चांदी का एक सिक्का रखकर उसे नए लाल कपड़े में लाल मौली से बांधकर तिजोरी में रखें, व्यवसाय में लाभ होगा।

यदि व्यापार या नौकरी में उन्नति न हो रही हो, तो २१ गोमती चक्र लेकर होली दहन के दिन रात्रि में शिवलिंग पर चढा दें।

 व्यापार में सफलता पाने के लिये होली की रात में एकाक्षी नारियल को लाल कपड़े में गेहूं के आसन पर स्थापित करें और सिंदूर का तिलक करें। अब मूंगे की माला से नीचे लिखे मंत्र का जाप करें। 21 माला जाप होने पर इस पोटली को दुकान में ऐसे स्थान पर टांग दें, जहां ग्राहकों की नजर इस पर पड़ती रहे। इससे व्यापार में सफलता मिलने के योग बन सकते हैं। मंत्र- ऊं श्रीं श्रीं श्रीं परम सिद्धि व्यापार वृद्धि नमः।

अगर आप आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं तो होली के दिन घर या फिर मंदिर जाकर मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें सहस्त्रनाम का जाप करें। पूजा समाप्त करने के बाद अपने सामर्थ्य अनुसार गरीबों को दान करें तथा गाय, कुत्ते या अन्य पशुओं को भोजन दें। ऐसा करने से आपका घर धन धान्य से भर सकता है और आर्थिक परेशानी दूर हो सकती है

डूबा हुआ पैसा निकलवाने के लिए

आप ग्यारह गोमती चक्र हाथ में लेकर जलती हुई होलिका की ग्यारह बार परिक्रमा करते हुए धन प्राप्ति की प्रार्थना करे। फिर एक सफ़ेद कागज पर उस व्यक्ति का नाम लाल चन्दन से लिखें जिससे पैसा लेना है । लाल चन्दन से नाम लिखाकर उस सफ़ेद कागज को ग्यारह गोमती चक्र के साथ में कही गड्डा खोदकर सारी सामग्री सारी गड्डे में दबा दे । इस प्रयोग से धन प्राप्ति की संभावना बढ़ जाती है

बिजनेस को बुरी नज़र से बचाने के लिये

एक दिन पहले फिटकरी के 6 टुकड़े अपनी दुकान, शोरुम या ऑफिस में रात में छोड़ दे, होली की शाम उन्हें ले जाकर कपूर , अलसी , गन्ने के टुकड़े और गेहूं के साथ मिला कर होली में डाल दें तो आपके बिजनेस को दूसरों की नज़र नहीं लगेगी.

बच्चे का मन पढाई में मन लगाने के लिये

एक 4 मुखी और एक 6 मुखी रुद्राक्ष के बीच में गणेश रुद्राक्ष लगवा कर बच्चे को पहनायें फिर उसे होली की अग्नि के करीब ले जाकर सात चक्कर लगवायें। हर बार बच्चा एक मुट्ठी गुलाल होली की ओर उछालता जाये। ऐसा मानते हैं की इससे विद्या प्राप्ति की बाधा दूर होगी और पढ़ाई में ध्यान लगेगा।

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