सर्वपितृ अमावस्या -2020 के दिन राशि के अनुसार करें उपाय

जब श्राद्ध पक्ष प्रारंभ होता है तो मृत्यु लोक से पितृ धरती लोक में अपनी संतानों से मिलने आते हैं और आश्विन माह की अमावस्या के दिन वे वापस अपने लोक में लौट जाते हैं। माना जाता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा और विश्वास से नमन कर पितरों को विदा करते हैं उनके घर में सुख-शांति का आगमन होता है। सर्वपितृ अमावस्या के दिन राशि के अनुसार करें उपाय, मिलेगा पितरों से आशीर्वाद, पितृ दोष निवारण की है मान्यता

 

मेष राशि —

पितरों के लिए सात्विक भोजन बनाकर दक्षिण की ओर मुख कर बैठ जाएं। उनको याद करते हुए प्रणाम करें। साथ ही यह प्रार्थना करें कि वह भोजन कर आपके घर पर कृपा करें।

वृष–

राशि पितरों की तस्वीर पर सफेद रंग का हार चढ़ाएं। हाथ जोड़कर ॐ सर्व पितृ नम: का 108 बार जाप करें। तस्वीर न होने पर मानसिक रूप से उन्हें हार अर्पित कर अपने सामने रख लें।

मिथुन–

राशि पीपल के पेड़ पर जल, अक्षत, उड़द की दाल और काले तिल अर्पित करें। हाथ जोड़कर अपने पितरों का स्मरण करें। उनसे प्रार्थना करें कि वह आपको और आपके परिवार के सभी सदस्यों को आशीर्वाद दें।
 

कर्क–

राशि सर्वपितृ अमावस्या की शाम गरीब या जरूरतंमद को वस्त्र दान करें। वस्त्र दान कर उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें। फिर पीछे मुड़कर न देखें। यह उपाय कर किसी को न बताए।

सिंह–

राशि घर की दक्षिण दिशा में सफेद रंग का कपड़ा बिछाएं। स्नानादि कर पवित्र हो घर का मुखिया उस पर बैठ कर नाग स्तोत्र, महामृत्युंजय मंत्र, रुद्र सूक्त, पितृ स्तोत्र या नवग्रह स्तोत्र का पाठ करें।

कन्या–

राशि सर्वपितृ अमावस्या की सुबह शिव जी के मंदिर जा कर उन्हें कच्ची लस्सी, फूल, दीप, धूप, फल और मिठाई चढ़ाकर यह प्रार्थना करें कि वह आपके घर से पितृ दोष को दूर करें।

तुला–

राशि तुला राशि के जातकों को सर्वपितृ अमावस्या की शाम को कुत्तों को जलेबी खिलाएं। ध्यान दें कि किसी घर में पल रहे कुत्तों को नहीं गली-मोहल्ले के आवारा कुत्तों को जलेबी खिलाएं।

वृश्चिक–

राशि सर्वपितृ अमावस्या की शाम किसी गरीब कन्या की शादी या पढ़ाई करने का संकल्प लें और इसी साल उसकी शादी या पढ़ाई में योगदान दें। यह उपाय पितृ दोष निवारण के लिए बहुत उपयोगी माना गया है।

धनु–

राशि सर्वपितृ अमावस्या के दिन पितरों को विदा करने से पहले संभव हो तो गोदान करें अन्यथा प्रतीकात्मक गोदान भी किया जा सकता है। यह उपाय घर के बाहर सदस्यों को बताए बिना करें।

 मकर–

राशि मकर राशि के जातकों को सर्वपितृ अमावस्या की शाम को विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ कर भगवान विष्णु से प्रार्थना करें कि वह आपके घर का पितृ दोष निवारण करें।

कुंभ–

राशि सर्वपितृ अमावस्या के दिन दिन ढलने से पहले अपनी क्षमता के अनुसार सात प्रकार का अनाज दान करें। कोशिश करें कि घर का मुखिया पक्षियों को अपने हाथ से यह दाना डालें।

मीन–

राशि मीन राशि के जातकों को एक कटोरी आटा लें। उसमें गुड़ मिलाकर रोटी बनाएं। दक्षिण दिशा की ओर मुख कर पितरों को रोटी का भोग लगाने को कहें। फिर ये रोटी गाय को अपने हाथ से खिलाएं।”,
-अमावस्या के दिन पित्रों के निमित दान करना चाहिये। इससे कई दोष दूर होते हैं। भोजन से पूर्व गाय, कुत्ता और पक्षि हेतु भोजन का कुछ अंश निकाल कर इन्हें खिलाएं।

Pitrupaksha 2020,Pitrupaksha,Shraddh paksha 2020,SarvaPitra Amavasya 2020,shradh,pitra,kundli dosh remedies,kundli dosh,kundli15 दिन पहले आए पितरों को इस अमावस्या के दिन विदा किया जाता है. इसलिए इसे पितृ विसर्जन अमावस्या कहा जाता है. इस दिन से पितृ पक्ष समाप्त होता है. माना जाता है कि पितृ विसर्जन अमावस्या के दिन अगर पितृ दोष से मुक्ति पाने के उपाय किए जाए तो यह बहुत कारगर साबित होते हैं.पितृदोष से मुक्ति के उपाय

पितृ अमावस्या के दिन एक पीतल का दीपक लें. उसमें सरसों का तेल डालकर जलाएं. यह दीपक दक्षिण दिशा में रखें. सर्वपितृ अमावस्या की शाम को ही यह उपाय करें. संभव हो तो प्रयास करें कि यह दीपक पितृ विसर्जन अमावस्या की पूरी रात जलता रहे. इसे पितृ दोष निवारण यंत्र स्थापित करने से पूर्व किये जाने वाले उपायों में सबसे सरल माना गया है.

पितृ विसर्जन अमावस्या की शाम को पितरों के निमित्त भोजन बनाकर एक पत्तल में रखें फिर इस भोजन को किसी वृद्ध को खिलाएं अन्यथा बबूल या पीपल के पेड़ की जड़ में उस भोजन को रख दें. भोजन रखते समय यह प्रार्थना करें कि हे पितृ देव आप यह भोजन खाकर तृप्त हो जाएं और हमारे घर से पितृ दोष को दूर करें. यह उपाय करने के बाद पीछे मुड़कर न देखें.

गजेन्द्र मोक्ष

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सर्वपितृ अमावस्या की शाम गजेन्द्र मोक्ष का पाठ करें. एक दीपक जलाकर दक्षिण दिशा की ओर मुख कर यह पाठ करें. पाठ पूरा होने के बाद भगवान विष्णु का स्मरण करते हुए उनसे और अपने घर से पितरों से प्रार्थना करें कि वह आपके घर से पितृ दोष को दूर करें. इसके बाद पितरों को जलेबी का भोग लगाएं.

पितरों को विदा करने से पहले उन्हें जलेबी का भोग लगाएं. फिर शाम को घर में उस स्थान पर पितरों के निमित्त जलेबी रखें जहां आप पीने के पानी का बर्तन रखते हों. साथ ही कुत्तों को जलेबी खिलाएं. यह उपाय बहुत सरल है. इसका असर बहुत जल्दी देखने को मिलता है. ‘ओम श्री सर्व पितृ दोष निवारणाय क्लेशम् हं हं सुख शांतिम् देहि फट: स्वाहा’ का जाप करें.

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सर्व पितृ अमावस्या के दिन पितरों के लिए चौमुखी दीपक जलाना चाहिए। इस दिन सूर्यास्त के बाद घर की दक्षिण दिशा में पितरों के नाम का चौमुखी दीपक जलाकर रख दें। इससे व्यक्ति को पितरों के आशीर्वाद के साथ सभी सुख वैभव की प्राप्ति होती है।


पीपल के पेड़ से पितरो को शांति

 

कहते है जो व्यक्ति पितृपक्ष के पन्द्रह दिनों तक तर्पण ,श्राद्ध आदि नहीं कर पाते अथवा जिन लोगो को अपने पितरों की मृत्यु तिथि याद न हो, उन सभी लोगो के निमित्त श्राद्ध, तर्पण, दान आदि इसी अमावस्या को किया जाता है।

इस दिन अपने पितरो की शांति के लिए गीता के सातवे अध्याय का पाठ पढ़े और उसका फल अपने पितरो को प्रदान करे

पितृ पक्ष के अंतिम दिन जो सर्व पितृ दोष अमावस्या ( महालया ) का दिन होता है

एक तांबा/ पीतल का लोटा ले उसमे कच्चा दूध कुछ काले तिल , डाब , दो बतासे , दो लौंग डालकर पीपल के पेड़ की पूजा करे 

फिर कुछ मिठाई , पुष्प , एक नारियल , कुछ सिक्के और एक जनेऊ पीपल के माध्यम से अपने पितरो को समर्पित करे |

फिर पीपल के पेड़ के सात परिक्रमा करे और इस मंत्र का जाप करे मन ही मन प्रथम पितृ नारायणाय नमः,ॐ नमो भगवते  वासुदेवाय नमः

इस पूजा का फल अपने पितरो को समर्प्रित करे और उनसे जाने अनजाने में हुई भूलो की क्षमा मांगे

पितरो के प्रसन्न होने से सुख समृधि और उन्नति के मार्ग खुलते है |

Panchang: पंचांग 17 सितंबर 2020

के अनुसार आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या की तिथि है. आज गुरूवार को पितृ पक्ष का सर्व पितृ अमावस्या श्राद्ध है. इस दिन सूर्य कन्या राशि में रहेंगे. राहु काल में शुभ कार्य न करें. आज शुभ योग बना हुआ है. दिशा शूल दक्षिण दिशा है. आइए जानते हैं आज का पंचांग-
Panchang In Hindi: दिनांक: 17 सितंबर 2020 (Panchang 16 September 2020)
विक्रमी संवत्: 2077
मास अमांत: भाद्रपद
मास पूर्णिमांत: आश्विन
पक्ष: कृष्ण
वार: गुरूवार
आज के व्रत और पर्व: आश्विन अमावस्या (Ashwin Amavasya) पितृ पक्ष का समापन, सर्व पितृ अमावस्या (Pitru Paksha 2020)
तिथि: अमावस्या – 16:31:32 तक
नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी – 09:48:27 तक
करण: चतुष्पाद – 06:17:09 तक, नाग – 16:31:32 तक
योग: शुभ – 23:50:55 तक
सूर्योदय: 06:07:10 AM
सूर्यास्त: 18:23:13 PM
सूर्य राशि: कन्या राशि
सूर्य नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी
चन्द्रमा: सिंह – 15:07:26 तक
द्रिक ऋतु: शरद
वैदिक ऋतु: वर्षा
राहुकाल: 13:47:11 से 15:19:12 तक (इस काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है)
शुभ मुहूर्त का समयअभिजीत मुहूर्त: 11:50:39 से 12:39:43 तक
दिशा शूल: दक्षिण
अशुभ मुहूर्त का समय
दुष्टमुहूर्त: 10:12:30 से 11:01:35 तक, 15:06:56 से 15:56:00 तक
कुलिक: 10:12:30 से 11:01:35 तक
कालवेला / अर्द्धयाम: 16:45:04 से 17:34:08 तक
यमघण्ट: 06:56:14 से 07:45:18 तक
कंटक: 15:06:56 से 15:56:00 तक
यमगण्ड: 06:07:10 से 07:39:10 तक
गुलिक काल: 09:11:10 से 10:43:11 तक

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