राशि परिवर्तन: धनु राशि में सूर्य, जानें आपकी राशि पर क्या होगा इसका असर

हिंदी धर्म शास्त्रों में सूर्य ही वह ग्रह है जो मानव जीवन को सर्वाधिक प्रभावित करता है। सभी प्रकार के ऐश्वर्य प्रदान करने वाला सरकारी नौकरी और जीवन में ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए यही ग्रह मुख्य है. हिन्दू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष यानि अगहन मास में जब सूर्य राशि परिवर्तन करते हैं तो उस संक्रांति को धनु संक्रांति कहा जाता हैं. इस बार 16 दिसम्बर 2018 को सूर्य वृश्चिक राशि से धनु राशि में गोचर कर रहा है. सूर्य महाराज के धनु राशि में प्रवेश करते ही खरमास प्रारंभ होगा जो 14 जनवरी 2019 में सूर्य के मकर राशि में जाने के बाद खत्म होगा. खरमास में शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्य नहीं होते हैं. अब जानिए सूर्य के धनु राशि में जाने का 12 राशियों पर क्या प्रभाव होगा

मेष राशि -चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो,

इस राशि एवं लग्न वाले जातकों के लिए गोचर में पंचमेश सूर्य की नवम भाव में स्थिति के कारण संतान, पिता व बॉस से सुख, प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता, श्रेष्ठ विद्या तथा ज्ञान की प्राप्ति के योग हैं.  सूर्य के इस गोचरीय अवधि में छात्र विशेष रूप से उच्च शिक्षा प्राप्ति के लिए ख़ास योजना बना सकते हैं। इस दौरान पढ़ाई के लिए विदेश जाने की आपकी योजना भी सफल होगी। इस गोचर काल में आपका प्रेम जीवन अनुकूल रहेगा और आप पार्टनर के साथ अच्छा वक़्त गुजार पाएंगे। पारिवारिक दृष्टिकोण से देखें तो, इस अवधि में आप बच्चों के साथ मस्ती भरे पल गुजार पाएंगे। इसके साथ ही परिवार के सदस्यों के साथ आप छुट्टियों पर जाने का प्लान भी बना सकते हैं। निजी जीवन में आपका रुझान आध्यात्मिक कार्यों की तरफ होगा और आप परोपकार के कामों में ज्यादा लिप्त रहेंगे।
गोचर की इस अवधि में समाज में आपके पिता के मान सम्मान में वृद्धि होगी, इसके फलस्वरूप आपको सामाजिक स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी।कुछ लोगों को सरकार की तरफ से लाभ या नौकरी में तरक्की हो सकती है. कई जातकों के लिए ये समय धर्मशास्त्रों के अध्ययन, दान-धर्म व तीर्थयात्रा के लिए उपयुक्त अवसर लाएगा अर्थात धार्मिक कार्य में खर्च हो होगा. कुल मिलाकर ये समय भाग्य तथा उन्नति का होगा. इस गोचर काल में भाग्य आपका पूर्ण रूप से साथ देगा और इसके फलस्वरूप कार्य क्षेत्र और व्यापारिक स्तर पर भी आपको सफलता मिलेगी।
जहाँ एक तरफ कार्य क्षेत्र में आप अपनी मेहनत से सभी चुनौतियों को पार करने में सफल होंगें वहीं दूसरी तरफ बिज़नेस में भी आपको मुनाफ़ा प्राप्त होगा। इसके साथ ही साथ इस दौरान आप बिज़नेस का विस्तार भी सफलता पूर्वक कर पाएंगे। आर्थिक स्तर पर सूर्य के इस गोचर काल में आपको पूर्व में किये निवेशों से लाभ मिल सकता है। मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य का ये गोचर विशेष फलदायी साबित हो सकता है।लेकिन कमजोर सूर्य वाले जातकों को मित्रों से धोखा या विरोध सहन करना पड़ सकता है. कुछ लोगों को छोटे भाई-बहन एवं प्रियजनों से विरह भी हो सकता है. जिन कुंडलियों में इस साल शारीरिक कष्ट के योग हैं तो ये महीना उनके लिए कुछ बीमारियां लेकर आ सकता है. शुभ फल की प्राप्ति के उपाय हेतु नियमित रूप से सूर्य को अर्घ्य दें.

वृषभ राशि , , , , वा, वी, वु, वे, वो

चतुर्थेश सूर्य की अष्टम भाव में गोचर से वृष राशि वालों को सावधान रहने की जरूरत है. ज्वर व उच्च रक्तचाप आदि से स्वयं को या माता को शारीरिक कष्ट हो सकता है. कुछ लोगों को अपने जन्म स्थान से दूर जाना पड़ सकता है या भूमि एव मकान के सुख में कमी आ सकती है. इसी तरह कुछ लोग परिवार में कलह के कारण दुखी हो सकते हैं. सूर्य के इस गोचर के फलस्वरूप आपका रुझान खासतौर से ध्यान, आध्यात्म और योग की तरफ हो सकता है। इस दौरान आप अपने स्वास्थ्य को विशेष अहमियत देंगे और सेहत को लेकर सतर्कता बरतेंगे। स्वास्थ्य को लेकर बरती गयी असावधानी आपको भारी मुसीबत में डाल सकता है। ये गोचरीय अवधि आपके लिए कार्य क्षेत्र में मुसीबतें पैदा कर सकती है। कार्य स्थल पर आप किसी विवाद में फँस सकते हैं इसलिए इस दौरान विशेष रूप से अपने आँख और कान खुले रखें।

पारिवारिक रूप से देखें तो इस गोचर काल में माता पिता की सेहत आपके लिए परेशानी की वजह बन सकती है। लिहाजा उनका ख़ास ख्याल रखें और कुछ भी ऐसा ना करें जिससे उन्हें चोट पहुँचती हो। इसके अलावा परिवार में किसी बात को लेकर होने वाले विवाद की वजह से मन अशांत रह सकता है। इस गोचर में कोर्ट-कचहरी व मुकदमे में असफलता के भी योग हैं लेकिन दूसरे भाव में सूर्य की दृष्टि के कारण आकस्मिक धन लाभ भी हो सकता है. दिसंबर के अंत व साल के शुरुआत के तीन-चार दिनों तक परेशानियां आ सकती हैं. इस स्थिति से निकलने के लिए अपनी सूझ बूझ का इस्तेमाल करें और तनाव की स्थिति से खुद को दूर रखें। यदि आप ऑफ़िस आने जाने के लिए खुद के वाहन का प्रयोग करते हैं तो, गोचर की इस अवधि में वाहन चलते समय सावधानी रखें।

यदि आप शादीशुदा हैं तो, सूर्य का ये गोचर आपके लिए शुभ फलदायी साबित हो सकता है। इस अवधि में आप जीवनसाथी के साथ सुखमय पल गुजार पाएंगे। प्रेम जीवन के लिए भी ये गोचरीय अवधि आपके लिए लाभदायक साबित होगी, लेकिन पार्टनर की कोई बात आपके दिल को चोट पहुंचा सकती है। आपके लिए गोचर की ये अवधि मध्यम फलदायी सिद्ध होगी।किए गए परिश्रम का लाभ अवश्य ही मिलेगा लेकिन याद रखें कि जितना आप परिश्रम करेंगे, उतना लाभ अवश्य मिलेगा. साथ ही इस गोचर के दौरान अपने क्रोध और अहम पर नियंत्रण रखें.

मिथुन राशि का, की, कु, , , , के, को, हा

तीसरे भाव के स्वामी सूर्य के सप्तम भाव में गोचर से दाम्पत्य जीवन में मतभेद उत्पन्न हो सकता है. इसी तरह साझेदारी में काम करने वाले लोगों को भी सावधान रहना चाहिए. यदि आप किसी बिज़नेस से जुड़े हैं तो इस गोचरकाल में आपके बिज़नेस पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर आपका मतभेद हो सकता है। इस दौरान बिज़नेस में नुकसान होने से बचने के लिए विशेष रूप से आपको इस बात का ख़ास ध्यान रखना होगा की पार्टनर के साथ आपका किसी प्रकार का कोई मतभेद ना हो। इस गोचरकाल के दौरान सूर्य के अशुभ प्रभाव से आपके व्यवहार में परिवर्तन देखने को मिल सकता है।

बहरहाल किसी से बातचीत या संचार के दौरान आपकी भाषा शैली में कड़वाहट आ सकती है। लिहाजा इस समय दूसरों से बातचीत के दौरान खासतौर से अपनी वाणी पर संयम रखें। वैवाहिक जीवन की बात करें तो, गोचर की इस अवधि का आपके जीवनसाथी को भरपूर लाभ मिलेगा।  हालांकि जन्म कुंडली में मजबूत सूर्य वाले जातकों को स्त्री पक्ष से सुख हो सकता है व व्यवसायिक क्षेत्र में सफलता भी मिल सकती है. लेकिन ऐसे लोगों को भी इसके लिए अतिरिक्त परिश्रम करना पड़ सकता है. हालांकि ऐसे लोगों को भाई-बहन का सुख भी मिल सकता है. इस दौर में क्रोध से बचें क्योंकि ये न केवल आपके काम को प्रभावित करेगा बल्कि सर दर्द, तापजन्य या गुदा रोग जैसे बीमारी भी दे सकता है.

 संभव है कि इस अवधि में उन्हें कार्यक्षेत्र में तरक्की मिलें और उनके ओहदे में वृद्धि हो। दूसरी तरफ सूर्य के हानिकारक प्रभाव से उनमें अहंकार की भावना आ सकती है। वैवाहिक जीवन में सुख शांति बनाए रखने के लिए इस गोचरीय अवधि में आपको अपने जीवनसाथी के बर्ताव को अनदेखा करना होगा। मिथुन राशि के जातकों को सूर्य के इस गोचरकाल में अपनी सेहत का भी विशेष ध्यान रखना होगा। स्वास्थ्य को लेकर बरती जानी वाली लापरवाही आपके लिए इस समय हानिकारक साबित हो सकती है। सेहतमंद रहने के लिए अपनी लाइफस्टाइल में सुधार करें और अपना रूटीन ठीक रखें। इसी तरह इस दौर में कानूनी विवाद से बचना चाहिए. हालांकि लग्न पर सूर्य की सप्तम दृष्टि के कारण बहुत से लोग के आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और ऐसे लोग सरकारी कार्यों में सफल भी हो सकते हैं.

कर्क राशि -ही, ही, हे, हो, डा डी, डू, डे, डो

द्वितीयेश सूर्य की गोचर में छठे भाव में होने के कारण रोग, ऋण व शत्रुओं का नाश होगा. साथ ही समाज में मान-सम्मान में वृद्धि होगी. लेकिन आय से अधिक व्यय की अधिकता की वजह से धन- संचय में कमी रहेगी. ननिहाल पक्ष का सहयोग मिलेगा और राज्य से सम्बन्ध अनुकूल होने से लाभ के अवसर आयेंगे.  इस गोचरकाल में आप अपने शत्रुओं पर हावी रहेंगे और हर क्षेत्र में आपको सफलता मिल सकती है। हालाँकि दूसरी तरफ इस समय आपको अपनी सेहत का ख़ासा ध्यान रखना होगा। स्वास्थ्य पर ध्यान ना देकर आप किसी शारीरिक पीड़ा से ग्रसित हो सकते हैं। पारिवारिक जीवन शांतिपूर्ण व्यतीत हो सकता है, इस दौरान आप अपने घर का पुनर्निर्माण या उसके सौन्दर्यीकरण का काम करवा सकते हैं। माता पिता आपके द्वारा उठाये किसी कदम के लिए आपकी सराहना कर सकते हैं। दूसरी तरफ परिवार में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न होने से आप तनाव ग्रस्त हो सकते हैं।लेकिन जन्म कुंडली में कमजोर चंद्र या सूर्य वाले जातकों को इस दौर में भी सावधान रहना चाहिए क्योंकि लग्न या राशि में बैठा राहु अचानक संकट ला सकता है खास तौर पर साल के अंत और नव वर्ष के आरंभिक दिनों में. इसलिए इस दौर में वाणी में संयम रखें और दफ्तर में शत्रुओं के लिए कोई अवसर नहीं छोड़ें. ऐसे लोगों के लिए खान-पान में सतर्कता जरूरी है क्योंकि पेट के रोग होने का भय है. गोचर कि इस अवधि में आप परिवार के साथ किसी अनचाही यात्रा पर भी जा सकते हैं। कार्य क्षेत्र से जुड़े जातकों को इस गोचरकाल के दौरान कार्य स्थल पर उनके काम की वजह से ख़ासा प्रशंसा मिल सकती है। आपके सहकर्मी इस समय आपके काम में बाधा उत्पन्न करने की कोशिश करेंगे, लेकिन आप अपनी सूझ बूझ से इस परिस्थिति का सामना करने में सफल हो सकते हैं। आर्थिक रूप से सूर्य का ये गोचरकाल आपके लिए नुक़सानदेह साबित हो सकता है। इस अवधि में पैसों के लेन-देन में आपको ख़ासा सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। संभव है कि इस दौरान किसी को उधार दिए पैसे आपको वापिस ना मिले। हालांकि आपके लिए गोचर का ये समय मध्यम फलदायी साबित होगा।

सिंह राशि मा, मी,मू,मे,मो,टा,टी,टू,टे

लग्नेश या राशिश सूर्य की गोचर से पंचम भाव में उपस्थिति के कारण व्यक्तित्व उत्तम होगा और इस कारण जिस काम में हाथ डालेंगे उसमें सफलता के योग हैं. लेकिन जन्म कुंडली में पाप प्रभावित लग्न या सूर्य के कारण इस दौर में अहंकार के कारण राजकीय कर्मचारियों या अधिकारियो से विवाद भी हो सकता है. इसलिए इस मामले में सतर्क रहें और किसी को कम समझने की भूल न करें. आपके लिए सूर्य के गोचर की ये अवधि विशेष रूप से आपके आर्थिक दृष्टिकोण के लिए फलदायी साबित हो सकती है।

इस दौरान आपको आर्थिक स्तर पर किसी अज्ञात स्रोत से अच्छी ख़ासी आमदनी प्राप्त हो सकती है। हालाँकि इसके वाबजूद भी आप अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर संतुष्ट नहीं रहेंगे। पैसे कमाने की लालसा इस समय आपके अंदर बढ़ सकती है, लेकिन इसके लिए कोई ऐसा रास्ता ना चुने जिसपर चलकर आगे आपको पछतावा हो। पारिवारिक स्तर पर इस दौरान आपको बच्चों की सेहत और उनके खान पान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी। गोचर की इस अवधि में उनकी सेहत में कमी आ सकती है। निजी स्तर पर इस दौरान आपका रुझान खासतौर से धार्मिक कार्यों की तरफ हो सकता है। ऐसे लोगों को ज्वर या सर दर्द या रक्त चाप की शिकायत हो सकती है या यात्रा में दुर्घटना की आशंका है. हालांकि इस दौरान बहुत से लोगों को पंचम व नवम भाव से संबंधित यथा संतान, पिता व बॉस का सुख भी प्राप्त होगा.

23 दिसंबर तक सिंह राशि पर मंगल की दृष्टि होने के कारण कई लोगों को नए काम या तरक्की के अवसर मिल सकती हैं. विद्यार्थी वर्ग व शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी इस दौर में लाभ के संकेत है. प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के भी योग है. धर्म कर्म से जुड़े कार्यों में आप बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे और किसी धार्मिक यात्रा पर जाने का प्लान भी बना सकते हैं। यदि आप किसी से प्रेम करते हैं तो सूर्य के इस गोचर काल में आपके प्रेम जीवन में कठिनाईयां आ सकती हैं। बहरहाल, रिश्ते में प्रेम और सद्भाव की भावना बनाए रखने के लिए अपने पार्टनर को वक़्त दें और उनकी भावनाओं की कद्र करें।

विवाहित जातकों को इस गोचरीय अवधि में जीवनसाथी के साथ मतभेद की स्थिति से बचने के लिए अपनी भाषा शैली पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता होगी। आपकी कोई बात आपके जीवनसाथी के दिल को चोट पहुंचा सकती है, इसलिए विशेष ध्यान रखें। सूर्य का ये गोचर काल सिंह राशि के जातकों के लिए सामान्य से कम फलदायी सिद्ध होगा।

 

कन्या राशि टो, पा, पी, पू, , , , पे, पो

कन्या के जातकों के लिए व्ययेश सूर्य के चतुर्थ भाव में गोचर से माता या पिता को शारीरिक कष्ट का सूचक है. इस दौर में परिवार में अनेक प्रकार की समस्या उत्त्पन्न हो सकती है. मसलन, कुछ लोगों को भूमि संबंधित विवाद या अन्य किन्ही कारणों से सुख में कमी का आभास होगा. गोचर की ये अवधि आपके लिए आर्थिक रूप से फलदायी साबित हो सकती है। इस दौरान आर्थिक स्तर पर आपको विशेष लाभ की प्राप्ति भी हो सकती है। इसके साथ ही साथ आप आर्थिक लाभ प्राप्ति के लिए लंबी दूरी की यात्रा पर भी जा सकते हैं।

आपको इस गोचरकाल में धन प्राप्ति के बहुत से ऐसे स्रोत मिल सकते हैं जो आने वाले समय में आपके लिए लाभकारी साबित होंगे। यदि आप विवाहित हैं तो, इस गोचरीय अवधि में आपके जीवनसाथी को कार्य क्षेत्र में अपार सफलता मिल सकती है। लेकिन इस दौरान आपको थोड़ी सावधानी बरतने की आवश्यकता पड़ सकती है, दूसरों के ऊपर हावी रहने की आपकी प्रवृत्ति आपको परेशानी में डाल सकती है।  कुछ लोगों को राज्य एव व्यवसाय के पक्ष से भी कुछ कमी तथा असंतोष का अनुभव हो सकता है. हालांकि इस दौर में बाह्य संबंधों से नौकरी, व्यापार-व्यवसाय में सफलता के साथ उन्नति के योग भी हैं.

राजनीति से जुड़े जातकों को जनता से संबंधित कार्य में लाभ मिल सकता है लेकिन उन्हें थोड़ी सावधानी भी रखनी चाहिए. जीवनसाथी के साथ प्रेम पूर्वक व्यवहार रखें और उनका सम्मान करें। पारिवारिक स्तर पर भी आपके हावी होने की प्रवृत्ति की वजह से आप किसी मतभेद में फँस सकते हैं, पारिवारिक जीवन अशांति पूर्वक व्यतीत हो सकता है। हालाँकि यदि कार्य क्षेत्र की बात करें तो, यहां आपका ये रवैया आपके लिए कुछ मायनों में लाभकारी साबित हो सकता है। बहरहाल इस गोचरकाल के दौरान आपको अपने पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में ताल मेल बनाकर चलने की जरुरत होगी। कन्या राशि के जातकों के लिए सूर्य का ये गोचर मिला जुला परिणाम देने वाला साबित होगा।

तुला राशि रा, री, रु, रे, रो, ता, ती, तू, ते

लाभेश सूर्य की तीसरे भाव में गोचर तुला के जातकों के लिए प्रायः शुभ होगा. ऐसे जातक अपने पराक्रम से समाज में मान-सम्मान प्राप्त करेंगे और इनके भाग्य में वृद्धि होगी. फलतः इनके संचित धन व आय में वृद्धि होगी. इस गोचरकाल के दौरान आपका विशेष रूप से भाग्योदय होगा। भाग्य का साथ मिलने से आपको जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सफलता भी मिल सकती है। गोचर की इस अवधि में, आपका पारिवारिक जीवन ख़ासा सुखमय व्यतीत होगा। इस दौरान आपको अपने भाई बहनों का भरपूर साथ मिलेगा और आप हर मुश्किल का सामना डट कर करने में पूरी तरह से सक्षम रहेंगे। परिवार का साथ मिलने से आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और आप परिवार के महत्व को भी नज़दीक से समझने में सक्षम होंगें। परिवार के साथ किसी धार्मिक यात्रा पर भी जाना हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आप अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर सफलता प्राप्त करने में सफल होंगें। कार्य स्थल पर आपके काम की सराहना हो सकती है और उच्च अधिकारियों का आपको साथ मिलेगा। दूसरी तरफ स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से देखें तो, इस अवधि में आपको खासतौर से अपनी सेहत को लेकर सावधानी बरतनी पड़ सकती है।

ऐसे लोगों को भाई बहनों, मित्रों और संतान का उत्तम सुख प्राप्त होगा. इस दौर में राज्य व समाज में प्रतिष्ठित लोगों से सम्बन्ध बनेंगे. फलतः कई जातकों को नई नौकरी या पदोन्नति के योग हैं. इस समय आपका प्रभाव लोगों पर अधिक पड़ेगा. इसलिए इस समय रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोग लाभान्वित होंगे. लेकिन जन्म कुंडली में कमजोर शुक्र वाले जातकों को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है. आपके लिए किसी भी तरह का मानसिक तनाव इस समय हानिकारक साबित हो सकता है।

लिहाजा किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव से इस समय बचकर रहना ही आपके लिए हितकर होगा। हालाँकि निजी स्तर पर इस गोचरकाल के दौरान आपकी इच्छाशक्ति और साहस में ख़ासा इज़ाफा होगा। यदि आप किसी बिज़नेस की शुरुआत करना चाहते हैं तो, उसके लिए ये समय सबसे ज्यादा उत्तम है। आपके लिए ये गोचरकाल फलदायी साबित हो सकती है।

 

वृश्चिक राशि तो,ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

दशमेश सूर्य की धन भाव से गोचर के कारण पिता या राज्य के सहयोग से धन की प्राप्ति हो सकती है. इस दौर में परिवार व दोस्तों का सहयोग भी मिलगा और आपके शत्रु वर्ग प्रभावहीन रहेगा इसलिए प्रायः अर्थ लाभ दिखता है. ये गोचर जातक के आत्मबल में वृद्धि करेगा तथा रोजगार के नए अवसर देगा. इस समय बहुत से लोग अपने वाक्-चातुर्य के बल पर धन के अलावा मान-सम्मान हासिल करेंगे.  सूर्य के इस गोचर काल के दौरान आप विशेष रूप से धन अर्जित करने में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। इस दौरान आपको आर्थिक लाभ तो अवश्य मिलेगा लेकिन साथ ही यदि आप शेयर मार्किट या अन्य किसी क्षेत्र में निवेश की सोच रहें हैं तो, अपनी सूझ बूझ से काम लें अन्यथा नुक्सान हो सकता है। सूर्य के हानिकारक प्रभाव से आपको आँखों का रोग हो सकता है। लिहाजा इस अवधि में नेत्र संबंधी समस्या से बचने के लिए अपनी आँखों का ख़ास ख्याल रखें।

यदि आप किसी से प्यार करते हैं तो, गोचर की इस अवधि में निराशा आपके हाथ लग सकती है। अपने प्रेमी से हद से ज्यादा उम्मीद रखना आपके लिए निराशा का कारण बन सकती है। लिहाजा इस समय प्रेम जीवन में संतुलन बना कर चलना ही आपके लिए अच्छा होगा। हालांकि स्वास्थ्य की दृष्टि से ये समय उत्तम है लेकिन कुछ जातकों को सर दर्द या आंख की पीड़ा हो सकती है. लेकिन जन्म कुंडली में पाप प्रभाव होने पर इस समय चालाक एवं धोखा देने वाले लोगो से संपर्क हो सकता है या परिवार में ही विवाद उत्पन्न हो सकता है.

लोग धोखा देकर अपने काम को सिद्ध कर लेंगे जिसके कारण मन में ग्लानि होगी तथा धन हानि भी हो सकती है. पारिवारिक जीवन में किसी बात को लेकर उत्पन्न हुए मतभेद से आप तनाव का शिकार हो सकते हैं। बहरहाल मानसिक शांति बनाए रखने के लिए इस गोचर के दौरान खुद को पारिवारिक विवादों से दूर रखना ही आपके लिए बेहतर होगा। नौकरी पेशा लोगों के लिए गोचर की ये अवधि शुभ परिणाम दे सकती है। इस गोचरकाल में आप अपने काम के प्रति सौ प्रतिशत समर्पित होंगें जिसका फल आपको समय आने पर ज़रूर मिलेगा।

जहाँ एक तरफ आप अपने काम से संतुष्ट रहेंगे वहीं दूसरी तरफ आपका बॉस भी आपके काम की प्रशंसा करेगा। लिहाजा आपके अंदर एक आत्मविश्वास का भाव पैदा होगा जिससे आप अपने काम को और भी अच्छे तरीके से करने में सफल रहेंगे। यदि आप शादीशुदा हैं तो, इस गोचरकाल में आपके जीवनसाथी के साथ आपका मतभेद हो सकता है। मतभेद की इस स्थिति से बचने के लिए कुछ बातों को अनदेखा करना ही बेहतर होगा।

  धनु राशि -ये, यो, भा, भी, भू, , , , भे

भाग्येश सूर्य की गोचर में लग्न में होने के कारण भाग्य का पूर्ण सुख प्राप्त होगा तथा शरीर प्रायः स्वस्थ रहेगा. भाग्य का साथ मिलने से मान-सम्मान बढ़ेगा और व्यापार-व्यवसाय में वृद्धि होगी. नौकरीपेशा के लिए भी समय अनुकूल ही रहना चाहिए. प्रायः पिता व बॉस का सहयोग रहेगा. यदि आप किसी सरकारी पद पर आसीन हैं तो इस दौरान आपको सरकार की तरफ से विशेष लाभ मिल सकता है। कामकाजी लोगों को कार्य क्षेत्र में उम्मीद से ज्यादा सफलता मिल सकती है। इस गोचरीय अवधि में कामकाजी लोगों के ऊपर काम का दवाब कम रहेगा। कामकाजी लोगों के लिए ये एक स्वर्णिम समय होगा।

सूर्य के शुभ प्रभाव से आपको भौतिक सुखों की प्राप्ति होगी और आप एक राजशाही जीवन व्यतीत कर पाएंगे। हालाँकि इस गोचरीय अवधि में आपके अंदर अहंकार की भावना जागृत हो सकती है, जो कि आपके लिए परेशानी की वजह बन सकती है। यदि आप विवाहित हैं तो आपका ये अहंकारी स्वभाव खासतौर से आपके वैवाहिक जीवन को प्रभावित कर सकता है। बहरहाल जीवनसाथी के साथ प्रेम भाव बनाए रखें और उन्हें कोई भी ऐसी बात ना कहें जिससे उनके स्वाभिमान को चोट पहुँचती हो।

लेकिन क्रोध की अधिकता या जन्म कुंडली में बुध की कमजोर स्थित के कारण कुछ लोगों को उच्च अधिकारियों से विवाद हो सकता है और हानि भी हो सकती है. ऐसे लोगों को सेहत की समस्या भी हो सकती है खास तौर पर ह्रदय रोग, रक्त चाप, सर दर्द या पेट की. ऐसे ही ये गोचर दाम्पत्य सुख में कमी कर सकता है या जीवनसाथी को शारीरिक कष्ट दे सकता है. कुछ लोगों को अनावश्यक यात्रा हो सकती है. गोचर की इस अवधि में आपको अपनी सेहत का ख़ास ख्याल रखना होगा।

इस अवधि में स्वास्थ्य को अनदेखा करना आपके लिए हानिकारक साबित हो सकता है। लिहाजा अपनी सेहत का ख़ास ख्याल रखें अन्यथा आपको किसी शारीरिक कष्ट से गुजरना पड़ सकता हैं। सूर्य के इस गोचरकाल में धनु राशि के जातकों को अपनी सेहत का ख़ास ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। इसके साथ ही साथ व्यापार से जुड़े लोगों को इस अवधि के दौरान ख़ासा मुनाफ़ा मिल सकता है। यदि आप किसी नए बिज़नेस की शुरुआत करना चाहते हैं तो उसके लिए भी सूर्य के गोचर की ये अवधि फलदायी साबित हो सकती है।ऐसे ही कुछ को संतान संबंधी कुछ परेशानी आ सकती है.

 

मकर राशि भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

अष्टमेश सूर्य की व्यय भाव में गोचर के कारण खर्च की अधिकता होगी और उदर, नेत्र आदि विकारों के कारण शारीरिक कष्ट हो सकता है. अधिकांश के लिए संचित धन में हानि का योग है. विवाद के कारण मुकदमा आदि में खर्च हो सकता है व अपमान का भय बना रहेगा. कुछ लोगों के लिए स्थान परिवर्तन का योग बन रहा है. कार्यक्षेत्र में परेशानियां रहेंगी खास कर गुप्त शत्रुओं के कारण हानि का योग दिख रहा है.

ध्यान रहे इस अवधि में दोस्त भी दुश्मनी कर सकते हैं. हालांकि राहु की दृष्टि मकर राशि पर होने के कारण कुल मिला कर आर्थिक स्थिति बेहतर होगी.  गोचर की ये अवधि आपके लिए आर्थिक रूप से हानिकारक साबित हो सकती है। इस दौरान आपके ख़र्चों में वृद्धि होने की संभावना नजर आ रही है। बहरहाल आर्थिक रूप से मजबूत बने रहने के लिए गोचर की इस अवधि में अपने ख़र्चों पर थोड़ा नियंत्रण रखें। अनावश्यक चीजों पर पैसे खर्च करना आर्थिक रूप से आपकी कमर तोड़ सकती है।

निजी स्तर पर गोचर की इस अवधि में आपके मन में कामुक विचार आ सकते हैं या आप किसी गलत संगत में पड़कर आप अपना मान सम्मान गँवा सकते हैं। लिहाजा इस गोचरकाल के दौरान खुद पर संयम रखें और बुरे विचार मन में ना आने दें। यदि प्रेम जीवन की बात करें तो, सूर्य का गोचर आपके प्रेम जीवन के लिए विपरीत परिणाम दे सकता है। पार्टनर की किसी बात से आपके दिल को चोट पहुँच सकती है। प्रेम संबंध में परस्पर प्रेम और सद्भाव बनाये रखने के लिए एक दूसरे की भावनाओं को समझना बेहद आवश्यक है।  पुरानी योजनाएं और कार्य पूरे होंगे लेकिन मन में अज्ञात भय बना रहेगा. राहु के प्रभाव के कारण शत्रु हावी हो सकते हैं.

स्वास्थ्य की दृष्टि से मिली-जुली स्थिति है. पेट व आंख का विशेष ध्यान रखें. वाहनादि भी सावधानी से चलाना चाहिए व कर्ज से बचना चाहिए. यात्रा में सावधान रहें. जहाँ तक वैवाहिक जीवन की बात है तो, शादीशुदा जातक इस दौरान कुछ अनमोल पलों का आनंद उठा पाने में सफल रहेंगे। हालाँकि यदि आपने पिछले कुछ अरसे से कोई ख़ास प्लान बनाया है तो उसमें तब्दीली हो सकती है। बिज़नेस से जुड़े लोगों को कामकाज के सिलसिले में किसी अनचाही यात्रा पर जाना पड़ सकता है।

इससे आपको परेशानी तो होगी ही लेकिन भविष्य में आपको लाभ भी मिलेगा। कामकाजी लोगों को कार्य क्षेत्र में इस अवधि में जी तोड़ मेहनत करनी होगी तभी उन्हें उचित लाभ मिलेगा। काम को लेकर बरती जाने वाली लापरवाही आपके लिए नुक़सानदेह साबित होगी। मकर राशि के जातकों के लिए ये गोचरकाल मिला जुला परिणाम देने वाला साबित होगा।हालांकि विपरीत राज योग वाले जातकों के लिए यह समय शुभ साबित हो सकता है.

कुंभ राशि  गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

सप्तमेश सूर्य की गोचर में आय भाव में होने के कारण कार्य व व्यवसाय में उत्तम लाभ की स्थिति बनेगी. इस दौर में कुछ लोग उच्च पद पा सकते हैं या नौकरी के लिए इच्छुक व्यक्ति के प्रयास सफल हो सकते हैं. ऐसे लोगों को जीवनसाथी का सुख व सहयोग मिलेगा. पिता या बड़े भाई से लाभ प्राप्त होने के योग हैं. इन्हें राज्य व समाज से सम्मान मिलेगा, विद्या-बुद्धि के क्षेत्र में विशेष उन्नति होती है तथा संतान पक्ष से भी संतोष प्राप्त होता है. सूर्य के इस गोचरकाल के दौरान आप अपने उन लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल हो सकते हैं जिसे पाने का इंतज़ार आप काफी लंबे वक़्त से कर रहे हैं। कार्य क्षेत्र में यदि आप सरकारी पद पर आसीन है तो, इस दौरान आपको उच्च अधिकारियों से विशेष लाभ मिल सकता है। काम काज को लेकर आप इस समय सजग रहेंगे जिसके फलस्वरूप कार्य क्षेत्र में आपके मान सम्मान में वृद्धि होगी और आपके आय में भी बढ़ोत्तरी हो सकती है।

आर्थिक स्तर पर आपको इस गोचरकाल के दौरान विशेष लाभ प्राप्त होगा और आप अपने आवश्यक कार्यों को करने में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। आर्थिक मज़बूती और काम में मिलने वाली सफलता से मन प्रसन्न रहेगा। कुछ लोगों को ससुराल पक्ष से लाभ हो सकता है. हालांकि इस अवधि में घर-परिवार में धार्मिक एवं मांगलिक कार्य होने से खर्च बढेगा. इस दौरान यात्रा के योग बन सकते हैं. बना सकते हैं। हालाँकि यदि सूझ बूझ से काम ना लिया जाए तो इस रिश्ते के टूटने की संभावना ज्यादा हो सकती है।

विवाहित जातकों के लिए सूर्य के गोचर का ये समय ख़ासा महत्वपूर्ण साबित होगा, इस दौरान समाज में आपके जीवनसाथी के मान मर्यादा में वृद्धि होगी और इसका परस्पर लाभ आपको भी मिलेगा। लिहाजा इस समय वैवाहिक जीवन में आपके लिए ख़ुशियाँ ही ख़ुशियाँ होंगी। कुंभ राशि के वो छात्र जो किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए गोचर का ये समय ख़ासा फलदायी साबित हो सकता है। मारकेश के रूप में हावी सूर्य वाले जातक तामसी भोजन एवं जूठा खाना छोड़ दें अन्यथा इस दौरान शत्रु परेशान कर सकते हैं.

मीन राशि -दी दू, , , ञ दे, दो, चा, ची

षष्ठेश सूर्य का यह गोचर से दशम भाव में हो रहा है इसलिए राज्य से लाभ दिखता है. इस अवधि में यदि कोई बड़ा कार्य आरम्भ करेंगे उसमें निश्चय ही सफलता प्राप्त होगी. समाज में मान सम्मान की प्राप्ति का संकेत है. लेकिन इस समय कार्य की अधिकता होने से थकान महसूस करेंगे. इसलिए अपने खान-पान पर ध्यान दें अन्यथा किसी रोग के शिकार हो सकते हैं.  आपके लिए सूर्य का ये गोचर खासतौर से करियर के लिहाज से फलदायी हो सकता है। यदि आप काम की तलाश में हैं तो गोचर की इस अवधि के दौरान आपकी ये तलाश ख़त्म हो सकती है और आपको अपने मनचाही जगह पर काम मिल सकता है। इसके साथ ही यदि आप पहले से ही कामकाजी हैं तो आपके ओहदे में वृद्धि हो सकती है। हालाँकि इस दौरान आपको अपने सहकर्मी से थोड़ा सावधान रहना होगा क्योंकि आपकी तरक्की की राह में वो बाधा बन सकते हैं।

इस गोचरकाल में पारिवारिक जीवन थोड़ा तनाव पूर्ण व्यतीत होगा। परिवार में किसी बात को लेकर पिता के साथ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। आपकी बातें पिता को कष्ट पहुंचा सकती हैं इसलिए इस समय अपनी वाणी पर संयम ज़रूर बरतें। इसी तरह कुछ जातकों के पिता को भी रोग हो सकता है. जिन जातकों को नौकरी में दिक्कतें लगती हो या पिता के साथ अनबन हो वे रविवार का व्रत करना प्रारंभ करें.

इस दौर में कुछ लोगों को प्रयत्न से भूमि- मकान का सुख प्राप्त हो सकता है. और घर-परिवार के सुखों में वृद्धि होगी. यदि आप विवाहित हैं तो, इस गोचरीय अवधि में आपके जीवनसाथी के साथ किसी बात को लेकर अन-बन हो सकती है। इस बात का ध्यान रखें कि किसी भी रिश्ते को बनाये रखने के लिए एक दूसरे का सम्मान करना बेहद आवश्यक है। लिहाजा जीवनसाथी के साथ दुर्व्यवहार करना आपके रिश्ते के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।

व्यापार से जुड़े जातकों को इस अवधि में सूझ बूझ के साथ काम लेना होगा, आपके द्वारा लिया गया एक गलत फैसला आपके लिए बेहद नुकसान देह साबित हो सकता है। मीन राशि के जातकों के लिए सूर्य के गोचर की ये अवधि मध्यम फलदायी साबित हो सकती है।कुछ लोगों की प्रतिभा को इस दौर में चार चाँद लगेंगे.

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