लेकिन इन शब्दों का वास्तविक अर्थ कुछ और है जो सामान्य जनमानस को ठगने के कारण पाखण्डी ज्योतिषी ज्ञात नहीं कराते है।

भारतीय ज्योतिष मनुष्य जन्म में पैदा होने वाली समस्याओं और परेशानियों का सार्थक एवं वैज्ञानिक हल ढूंढने में सक्षम रहा है। जो लोग कर्म पर विश्वास न करके भाग्य को चमकाने के लिए पंडित जी के पास चमत्कार की उम्मीद लेकर जाते है, वो लोग ही ठगे जाते है। ज्योतिष एक विज्ञान है, जो हमारे जीवन के लिए एक अच्छे मार्गदर्शक का कार्य बेहतर ढंग से कर सकता है। खैर हम अपने विषय पर आते है आज हम चर्चा करेंगे क्या सच में कालसर्प योग होता है या फिर इसे बेवजह लोगों को डराने के लिए इस योग को रचित किया गया है।
इस योग को मानने वाले इसे पुर्ण काल सर्प योग व 15 दिन चन्द्रमा जब इन दोनो से बाहर रहता है तो इसे वे अर्धकालसर्पयोग मानते है। अगर इस बात को माने भी तो क्या ब्रह्माजी ने सारे अभिशप्त लोगो को इसी समय पैदा करने की योजना बनाई है। नही यह नही हो सकता है।

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