1. सू्र्य : दान सामग्री-लाल वस्त्र, गुड़, माणिक्य, गेहूं, मसूर की दाल, लाल पुष्प, केसर, तांबा, स्वर्ण, लाल गाय आदि। 2. चंद्र : दान सामग्री- श्वेत वस्त्र, चावल, शकर, सफेद पुष्प, कर्पूर, दूध, दही, चांदी, मोती, शंख, घी, स्फटिक आदि।, नवग्रह - केंद्र स्थान , कलिंग देश (जन्म स्थान ) , रक्त वर्ण , क्षत्रिय वर्ण , काश्यप गोत्र , आत्मा और पिता का करक , लग्न नवम और दशम का कारक , मेष (उच्च) तुला (नीच) सिंह (स्वामी) अग्नि तत्व सात्विक

हम अगले लेख में आपको यही बताने जा रहे हैं। ज्योतिष विधा के अनुसार जन्मकुंडली में जो ग्रह उच्च राशि या अपनी स्वयं की राशि में स्थित हों, उनसे सम्बन्धित वस्तुओं का दान व्यक्ति को कभी भूलकर भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि ऐसा दान हमें हमेशा हानि ही देता है।

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