Bhrigu Samhita Predictions

भृगु पद्धति में मुख्य रूप से तीन प्रकार से जातक को भविष्यफल दिया जाता है, पहला जातक के नाम और जन्मकुंडली के ग्रहों की ‌स्‍थ‌ित‌ि के आधार पर उसका भृगु-पत्र निकाल कर फल कथन, दूसरा जातक के प्रश्न पूछने पर उसको एक अंक तालिका में से एक अंक का चयन करने को कहना और फिर उसके आधार पर भविष्यवाणी करना और तीसरा जातक के हाथ की रेखाओं और जन्म कुंडली के ग्रहों की स्‍थ‌ित‌ि की गणना के आधार पर भृगु-पत्र निकाल कर भविष्वाणी करना। उपरोक्त तीनों पद्धतियों में से पहली दो का अभ्यास अधिकतर भृगु शास्त्री करते देखे गए हैं। किन्तु तीसरी पद्धति का अभ्यास बेहद कम भृगु ज्योतिषियों ने किया है।
The past is gone, present is known but full of trials and tribulations, ups and downs. Our present makes all of us pin our hopes on future. But we all know that future is mysterious. Many question arise when people come to know of the Granth – “what good will it server to know my past.” The theory of “Karma” is the base of Samhita. Whatever one has done in past he has to pay in future. Many of such puzzling questions keeps on revolving in our mind. The amazing accuracy of the predictions contains in the Bhrigu Samhita attracts all rich, poor, educated and illiterate people in millions have benefitted with the readings of this Granth

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