घर पर कैसे करें महाशिवरात्रि का पूजन, जानें सरलतम विधि-21 February 2020

India Astrology Foundation तथा ज्योतिर्विद श्यामा गुरुदेव (आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिषीय चिंतक) MAHASHIVRATRI POOJAN SARALTAM VIDHI , MAHASHIVRATRI POOJAN EASY RITUALS
Mahashivratri 21st February 2020

शिवरात्रि पर कुछ लोग मंदिर में तो कुछ घर पर ही विधि-विधान से पूजा करना पसंद करते हैं। इस दिन भीड़ के कारण मंदिर में विधि-विधान से पूजा करना संभव नहीं हो पाता। आगे जानिए कैसे महाशिवरात्रि पर घर में आसान तरीके से घर पर ही भोलेनाथ का पूजन किया जाए।

India Astrology Foundation तथा ज्योतिर्विद श्यामा गुरुदेव (आध्यात्मिक मार्गदर्शक एवं ज्योतिषीय चिंतक) सादर करते है घर पर ही महाशिवरात्रि पूजन की अत्यंत आसान विधि। यह पूजन विधि जितनी आसान है उतनी ही फलदायी भी। भगवान शिव अत्यंत सरल स्वभाव के देवता माने गए हैं अत: उन्हें सरलतम तरीकों से ही प्रसन्न किया जा सकता है।

महाशिवरात्रि वाले दिन प्रात: काल उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर भोलेनाथ के व्रत का संकल्प लें। इस दिन हो सकें तो पूजन से पहले और बाद यानी पूरे दिन ऊं नम: शिवाय का मन ही मन जप करते रहें। भगवान से सुख-समृद्धि के लिए कामना करें।

शिवरात्रि पूजन के लिए आवश्यक वस्‍तु  –

भोले की उपासना के लिए पूजन शुरू करने से पहले तांबे का पात्र, तांबे का लोटा, दूध, अर्पित किए जाने वाले वस्त्र। चावल, अष्टगंध, दीपक, तेल, रुई, धूपबत्ती, चंदन, धतूरा, अकुआ के फूल, बिल्वपत्र, जनेऊ, फल, मिठाई, नारियल, पंचामृत, पान और दक्षिणा एकत्रित कर लें।

 वैदिक शिव पूजन – 

भगवान शंकर की पूजा के समय शुद्ध आसन पर बैठकर पहले आचमन करें। यज्ञोपवित धारण कर शरीर शुद्ध करें। तत्पश्चात आसन की शुद्धि करें। पूजन-सामग्री को यथास्थान रखकर रक्षादीप प्रज्ज्वलित कर लें।

स्वस्ति-पाठ करें महाशिवरात्रि सरल पूजा विधि

महाशिवरात्रि की दूसरे चरण की पूजा में स्वस्ति पाठ करें। 

स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवा:, स्वस्ति ना पूषा विश्ववेदा:,        

स्वस्ति न स्तारक्ष्यो अरिष्टनेमि स्वस्ति नो बृहस्पति र्दधातु।

अर्थात भगवान से प्रार्थना करें कि मेरे पूजन को सफल करें और मेरे से कोई कमी रह जाए तो नादान समझकर माफ करें।

पूजन का संकल्प लें – महाशिवरात्रि सरल पूजा विधि

– पूजन शुरू करने से पहले उपासक के संकल्प लेने का प्रावधान होता है। इसके लिए हाथ में जल, फूल और चावल लेकर संकल्प करते हुए भगवान गणेश व माता पार्वती का पूजन करें फिर नन्दीश्वर, वीरभद्र, कार्तिकेय (स्त्रियां कार्तिकेय का पूजन नहीं करें) एवं सर्प का संक्षिप्त पूजन करना चाहिए।

– इसके पश्चात हाथ में बिल्वपत्र एवं अक्षत लेकर भगवान शिव का ध्यान करें। आह्वान करते हुए अपने नाम और मनोकामना के साथ संकल्प लें। हाथों में लिए गए जल को पृथ्वी पर छोड़ दें। संकल्प लेने के बाद ‘ऊं साम्ब शिवाय नम:’ आव्हानयामि स्थापयामि कहते हुए मूर्ति पर चावल अर्पित कर दें। इसका मतलब है कि आप भगवान को अपने घर में आमंत्रित कर रहे हैं।

-‘ऊं साम्ब शिवाय नम: आसनार्थे पुष्पाणि समर्पयामि’ मंत्र का जप करते हुए भगवान को आसन दें। इसका तात्पर्य है आपने प्रभु को घर पर बुलाने के बाद विराजमान होने के लिए आसन दिया है। इसके बाद भगवान के चरण धुलवाएं।

–  भोले के हाथ धुलवाकर आचमन के लिए जल छोड़ें। इसके बाद पंचामृत से स्नान कराकर शुद्ध जल से स्नान कराएं। अब वस्त्र अर्पित कर चंदन, अष्टगंध आदि सुगंधित द्रव्य लगाएं।

– इसके बाद ‘ऊं साम्ब शिवाय नम: बिल्वपत्रं समर्पयामि’ का उच्चारण करते हुए भोले को 11 या 21 बिल्व पत्र अर्पित कर धूप और दीप दिखाएं। इसके बाद भोले के षडाक्षरी मंत्र ‘ऊं नम: शिवाय’ का अपनी श्रद्धानुसार जप कर शिव आरती करें।

– यदि आप षडाक्षरी मंत्र के साथ महामृत्युंजय मंत्र का जप करना चाहते हैं तो एक या दो माला जप करे।

अब भगवान शिव को विविध प्रकार के फल चढ़ाएं। इसके पश्चात धूप-दीप जलाएं।

हाथ धोकर भोलेनाथ को नैवेद्य लगाएं।

नैवेद्य के बाद फल, पान-नारियल, दक्षिणा चढ़ाकर आरती करें। (जय शिव ओंकारा वाली शिव-आरती)

इसके बाद क्षमा-याचना करेंभगवान से प्रार्थना – महाशिवरात्रि सरल पूजा विधि

क्षमा मंत्र : आह्वानं ना जानामि, ना जानामि तवार्चनम, पूजाश्चैव न जानामि क्षम्यतां परमेश्वर:।

क्षमा याचना में भक्त भोलेनाथ से प्रार्थना करते हुए कहता है कि हे प्रभु मैं ज्यादा तो कुछ नहीं जानता लेकिन मैंने अपनी क्षमता और सामर्थ्य से ज्यादा किया है, इसलिए हे प्रभु आप इसे स्वीकार कीजिए और मुझ पर अपनी कृना बनाए रखें। इस प्रकार महाशिवरात्रि पर पूजन करने से भोलेनाथ आपकी मनोकामना पूरी करेंगे।

 

आरती करके प्रसाद का भोग लगाए और मौजूद भक्तों में वितरित कर दें।

 इस प्रकार संक्षिप्त पूजन करने से ही भगवान शिव प्रसन्न होकर सारे मनोरथ पूर्ण करेंगे। घर में पूरी श्रद्धा के साथ साधारण पूजन भी किया जाए तो भगवान शिव प्रसन्न हो जाते हैं।

महाशिवरात्रि के चमत्कारी उपाय

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